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1000 लोगों को ठगने वाले जामताड़ा साइबर मॉड्यूल का पर्दाफाश, 12 लोग गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक जैसे ही कोई कस्टमर इन साइट्स पर जाकर एप्लिकेश को डाउनलोड करता तो उसके फोन की पूरी डिटेल्स इन लोगों के पास चली जाती थी. उस शख्स के मोबाइल पर आने वाले ओटीपी से लेकर सभी जानकारियां इस मॉड्यूल के पास पहुंच जाती थी और फिर धोखाधड़ी का काम शुरू होता जाता था.

फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपी गिरफ्तार फर्जीवाड़ा करने वाले आरोपी गिरफ्तार
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जामताड़ा साइबर मॉड्यूल का पर्दाफाश
  • दिल्ली पुलिस ने 12 लोगों को किया गिरफ्तार
  • गैंग ने 1000 लोगों को बनाया था शिकार

दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ( साइबर सेल ) ने एक बड़े ठगी मॉड्यूल का पर्दाफाश कर 12 लोगों को गिरफ्तार किया है, गिरफ्तार आरोपी फर्जी वेबसाइट्स के जरिए लोगों के साथ धोखाधड़ी करते थे. गिरफ्तार आरोपी फर्जी वेबसाइट्स के जरिए नकली कस्टमर केयर नंबर भी दिया करते थे.

पुलिस के मुताबिक जैसे ही कोई कस्टमर इन साइट्स पर जाकर एप्लिकेश को डाउनलोड करता तो उसके फोन की पूरी डिटेल्स इन लोगों के पास चली जाती थी. उस शख्स के मोबाइल पर आने वाले ओटीपी से लेकर सभी जानकारियां इस मॉड्यूल के पास पहुंच जाती थी और फिर धोखाधड़ी का काम शुरू होता जाता था.

पुलिस के मुताबिक़ बी पॉल नाम के एक शख्स ने शिकायत की कि उसने केनरा बैंक के कस्टमर केयर नंबर को इंटरनेट पर सर्च किया और वहां उसे 9883227013 नाम मिला जो  कस्टमर केयर के नाम पर दर्ज था.

इस नंबर पर संपर्क करने के बाद इसे कथित ग्राहक सेवा केंद्र वाले शख्स ने www.customercomplaintregisters.com वेबसाइट का लिंक दिया और इसपर अपनी शिकायत पोस्ट करने की सलाह दी. 

ये वेबसाइट केनरा बैंक की वेबसाइट की तरह दिखती थी और इसपर केनरा बैंक का लोगो भी लगा हुआ था. जैसा कि कथित ग्राहक सेवा केंद्र अधिकारी  ने कहा था पीड़ित ने बैंक से रिलेटेड अपनी शिकायत पूरे एकाउंट नंबर के साथ इसपर कर दी.

वेबसाइट्स पर पीड़ित को स्टेप्स फॉलो करने के लिए कहा गया. उन्हें फॉलो करने पर पीड़ित के मोबाइल फोन में एक एप्लिकेशन/मालवेयर ऑटोमेटिक डाउनलोड हो गया और तुरंत उसके एकाउंट से 27.10 लाख रुपए 8 अलग अलग एकाउंट में ट्रांसफर हो गए, शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू कर दी.

टेक्निकल जांच और ह्यूमन इंटेलिजेंस से पता लगा कि ये मॉड्यूल पूरे भारत में काम कर रहा है.  जांच के आधार पर दिल्ली पुलिस ने सितंबर 2021 में रेड करके झारखंड के जामताड़ा के रहने वाले 6 आरोपियों को  बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था. इसमें मोहम्मद मुजाहिद अंसारी, आसिफ अंसारी, गुलाब अंसारी, शाहनवाज अंसारी, बहारुद्दीन अंसारी, बशरूद्दीन अंसारी प्रमुख थे.

जांच में पता चला कि पश्चिम बंगाल में भी इनका एक अलग मॉड्यूल काम करता है जो इन्हें सिम कार्ड और बैंक एकाउंट उपलब्ध कराता था. सूचना मिलने के बाद IFSO यूनिट ने पश्चिम बंगाल और जामताड़ा में छापेमारी की और 5 अन्य आरोपी  साहनी खान, अबुबकर साहा, राजेश गोराही, सूरज साहा और मिजानुर अंसारी को गिरफ्तार किया.

23 नवंबर 2021 को इस मॉड्यूल के मास्टरमाइंड को भी गिरफ्तार कर लिया गया जिसका नाम मुस्लिम अंसारी है और वो जामताड़ा का रहने वाला है. पश्चिम बंगाल मॉड्यूल अलग अलग ऑनलाइन चीटिंग गैंग्स को लॉजिस्टिक प्रोवाइड कराता था साथ ही नारकोटिक्स ट्रैफिकिंग गैंग्स की भी मदद करता था. इनके पास से 26 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 156 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं. इनकी गिरफ्तारी से पूरे भारत में लगभग 1000 धोखाधड़ी के मामले में इनकी संलिप्तता मिली है.

जामताड़ा में आधारित इस मॉड्यूल का मास्टरमाइंड मुस्लिम अंसारी ऐसे कई मॉड्यूल के सम्पर्क में था. इसके पास से 111 बैंक एकाउंट मिले हैं जिन्हें फ्रीज कर दिया गया है.

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