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दिल्ली: CM केजरीवाल ने स्कूली बच्चों संग सेलिब्रेट किया आजादी महोत्सव, भगत सिंह का किया जिक्र

14 अगस्त की शाम त्यागराज स्टेडियम में 'हर हाथ तिरंगा' सेलिब्रेशन के तहत तिरंगा हाथ में लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राष्ट्रगान गाते नज़र आए. उन्होंने राष्ट्रगान से पहले 'वन्देमातरम' गाते हुए तिरंगा लहराया. सीएम केजरीवाल के साथ दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे. आज दिल्ली में 25 लाख बच्चों को तिरंगे बांटे गए हैं.

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'हर हाथ तिरंगा' सेलिब्रेशन 'हर हाथ तिरंगा' सेलिब्रेशन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'पूरा देश अभी देशभक्ति की लहर में डूबा है'
  • 'पूरी दिल्ली में हमने 500 तिरंगे लगाए'

देश इस बार आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है. 14 अगस्त की शाम त्यागराज स्टेडियम में 'हर हाथ तिरंगा' सेलिब्रेशन के तहत तिरंगा हाथ में लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राष्ट्रगान गाते नज़र आए. उन्होंने राष्ट्रगान से पहले 'वन्देमातरम' गाते हुए तिरंगा लहराया. सीएम केजरीवाल के साथ दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे. ठीक इसी समय, हर विधानसभा में स्थानीय विधायक, स्थानीय लोगों के साथ हाथ में तिरंगा लेकर राष्ट्रगान गाया. 

इस दौरान दिल्ली सीएम ने कहा, आज से भारतवासी प्रण लें कि भारत को गन्दा न करें, ज़ब तक कूड़े दान न दिखे तो कूड़ा अपने पास रखें, कहीं कूड़ा दिखे तो कूड़ेदान में डाल दें. एक भगत सिंह थे, 23 साल की उम्र में कोई इंजीनियरिंग कर रहा होता है. कोई गर्लफ्रेंड ढूंढ रहा होता है, लेकिन 23 साल की उम्र में उन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी.

'पूरा देश अभी देशभक्ति की लहर में डूबा'
अरविंद केजरीवाल ने कहा, पूरा देश अभी देशभक्ति की लहर में डूबा है. हर जगह कार्यक्रम हो रहे हैं. यह समय है उन शहीदों को याद करने का, जिनकी शहादत और संघर्ष से हमें आजादी मिली. यह उनके सपनों को याद करने का समय है जिनके कारण हमें आज़ादी मिली. मैं खासकर दो स्वतंत्रता सेनानियों का जिक्र करना चाहूंगा, एक अंबेडकर, जिन्होंने पूरी ज़िंदगी संघर्ष किया, एक गरीब परिवार से निकले, आजादी के लिए लड़े और दबे कुचले गरीबों का हक दिलाने के लिए लड़े. दो दो डॉक्टरेट किया और दुनिया का बेहतरीन संविधान दिया. आज हम जिस तरह का भारत देख रहे हैं, बराबरी का अधिकार मिला, फंडामेंटल राइट्स मिले यह उन्हीं की वजह से है.

'पूरी दिल्ली में हमने 500 तिरंगे लगाए'
एक भगत सिंह थे, 23 साल की उम्र में कोई इंजीनियरिंग कर रहा होता है, कोई गर्लफ्रेंड ढूंढ रहा होता है, लेकिन 23 साल की उम्र में उन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी. पूरी दिल्ली में हमने 500 तिरंगे लगाए हैं. दिल्ली आज तिरंगों का शहर बन गई है, देशभर में सबसे ज्यादा तिरंगे यहां हैं. आज यहां आते हुए उनमें से मुझे 9 तिरंगे दिखे. हमारा यही मकसद था. हम रोजमर्रा की जिंदगी में देश को भूल जाते हैं. लेकिन दिल्ली आपको भूलने नहीं देगी.

आज दिल्ली में 25 लाख बच्चों को तिरंगे बांटे गए हैं. 100 जगह कार्यक्रम चल रहे हैं, हम 5 बजे हाथ में तिरंगा लेकर एकसाथ राष्ट्रगान गाएंगे. 

75 साल की आजादी के इस मौके पर एक प्रश्न मन में उठता है. हमने 75 साल में काफी प्रगति की, लेकिन कई देश भारत से आगे निकल गए. सिंगापुर हमसे 15 साल बाद आज़ाद हुआ, जापान द्वितीय विश्व युद्ध में बर्बाद हो गया था, जर्मनी भी तहस नहस हो गया था, लेकिन सब हमसे आगे निकल गए. 
 

 

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