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बटर चिकन और दाल मखनी की रेसिपी किसकी? मोतीमहल और दरियागंज के बीच बढ़ा विवाद, हाई कोर्ट ने दिया ये आदेश

दिल्ली के दो फेमस रेस्तरां चेन मोतीमहल और दरियागंज के बीच दो डिशों को लेकर विवाद चल रहा है. इसी साल जनवरी में मोतीमहल की ओर से 'बटर चिकन' और 'दाल मखनी' की रेसिपी को लेकर दरियागंज के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया गया है.

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बटर चिकन और दाल मखनी की रेसिपी पर छिड़ी जंग
बटर चिकन और दाल मखनी की रेसिपी पर छिड़ी जंग

दिल्ली के दो फेमस रेस्तरां चेन के बीच इन दिनों 'बटर चिकन' और 'दाल मखनी' रेसिपी को लेकर जंग छिड़ी हुई है. मोतीमहल का दावा है कि ये उसकी खोज है, जबकि दरियागंज अपना हक जता रहा है. मामला इतना बढ़ गया कि अब दिल्ली हाई कोर्ट ने इस पर नया आदेश जारी किया है.  

ताजा मामला मोतीमहल के मालिकों द्वारा इंटरव्यू दिए जाने का है, जिसको लेकर दरियागंज रेस्तरां की ओर से दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया गया है. दरियागंज की ओर से दावा किया गया है कि इंटरव्यू के दौरान उसको लेकर अपमानजनक टिप्पणी की गई हैं. 

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मोतीमहल की ओर से अदालत में कहा गया है कि सवाल एक 'संपादकीय परिप्रेक्ष्य' में थे और उन्हें इसके लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है. जस्टिस संजीव नरूला ने मोती महल के मालिकों को निर्देश दिया कि वह एक हलफनामा दाखिल करें, जिसमें प्रकाशित लेखों में कथति बयान से खुद को अलग करने के उनके प्रयास की पुष्टि की गई हो. 

दरियागंज रेस्तरां ने कोर्ट में दाखिल की नई याचिका

दरियागंज ने कोर्ट में दाखिल अपनी अर्जी में लेख में अपमानजनक बयानों के बारे में चिंता जताई थी, जो पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित हुआ और फिर अन्य वेबसाइटों पर पब्लिश हुआ. दरियागंज ने अपनी याचिका में तर्क दिया कि लेख में प्रकाशित टिप्पणी से उनके रेस्तरां चेन की प्रतिष्ठा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. इसके साथ ही याचिका में आरोप लगाया गया है कि बयानों ने न केवल कारोबार को अपमानित किया बल्कि मुकदमे पर निष्पक्ष निर्णय को भी पूर्वाग्रहित किया.  

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कब दायर किया गया था मुकदमा? 

इसी साल जनवरी में मोतीमहल रेस्तरां ने दो लोकप्रिय डिशों 'बटर चिकन' और 'दाल मखनी' के आविष्कार को लेकर दरियागंज के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया है. मोती महल के मालिक ने यह दावा करते हुए मुकदमा दायर किया था कि उनके पूर्ववर्ती स्वर्गीय कुंदन लाल गुजराल ने बटर चिकन और दाल मखनी का आविष्कार किया था, जबकि दरियागंज के दो व्यंजनों के आविष्कार पर लोगों को गुमराह कर रहा है.  

मोती महल के मालिकों ने दावा किया है कि उनके पूर्ववर्ती कुंदन लाल गुजराल ने पहले तंदूरी चिकन बनाया और बाद में बटर चिकन और दाल मखनी भी बनाई और विभाजन के बाद इस भारत लेकर आए. जबकि दरियागंज रेस्तरां दावा करता है कि उनके पूर्ववर्ती स्वर्गीय कुंदनलाल जग्गी ने इन डिशों की खोज की थी. 

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