scorecardresearch
 

'गुजरात BJP का डेलिगेशन बताए, कौन सा स्कूल देखना चाहते हैं? हम दिखाएंगे', बोले AAP विधायक

गुजरात से बीजेपी नेताओं का एक डेलिगेशन दिल्ली आया हुआ है. दिल्ली मॉडल का अध्ययन करने आए बीजेपी नेताओं के डेलिगेशन को लेकर आम आदमी पार्टी के विधायकों ने कहा कि वे बताएं कि कौन सा स्कूल, कौन सा मोहल्ला क्लिनिक या कौन सा अस्पताल देखना चाहते हैं. हम उन्हें दिखाएंगे.

X
आम आदमी पार्टी के विधायकों ने अगले हफ्ते गुजरात जाने का किया ऐलान आम आदमी पार्टी के विधायकों ने अगले हफ्ते गुजरात जाने का किया ऐलान
स्टोरी हाइलाइट्स
  • AAP विधायकों ने किया अगले हफ्ते गुजरात जाने का ऐलान
  • गुजरात में दो साल में बंद हो गए 6 हजार स्कूल- विधायक

गुजरात में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं और दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने भी पूरी ताकत के साथ इन चुनावों में उतरने का ऐलान किया हुआ है. अब आम आदमी पार्टी (एएपी) और गुजरात की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच दिल्ली मॉडल बनाम गुजरात मॉडल की लड़ाई छिड़ती नजर आ रही है.

गुजरात से बीजेपी नेताओं का एक डेलिगेशन दिल्ली आया हुआ है. इसे लेकर आम आदमी पार्टी के विधायकों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. आम आदमी पार्टी की विधायक आतिषी, संजीव झा, कुलदीप कुमार और ऋतुराज झा ने पार्टी दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गुजरात के सरकारी स्कूलों की तस्वीर दिखाई और आरोप लगाया कि इन सरकारी स्कूलों की हालत खराब है.

आम आदमी पार्टी के विधायकों ने अगले हफ्ते गुजरात जाने का ऐलान किया और कहा कि हम वहां के स्कूल और अस्पतालों का हाल देखेंगे. हमें अपनी मर्जी की जगह वे जाने दें. आम आदमी पार्टी के विधायकों ने कहा कि आज दिल्ली में गुजरात से BJP नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल आया है. वे दिल्ली के सरकारी स्कूल, मोहल्ला क्लीनिक और अस्पताल देखना चाहते हैं.

विधायकों ने कहा कि हम अरविंद केजरीवाल की सरकार की तरफ से गुजरात से आए बीजेपी नेताओं का स्वागत करते हैं. सीएम ने हमें उनके स्वागत की जिम्मेदारी दी है. विधायकों ने कहा कि प्रतिनिधमंडल को बताना चाहते हैं कि हम यहां AAP के ऑफिस में हैं, वे आकर बताएं कि कौन सा स्कूल, कौन सा अस्पताल, कौन सा मोहल्ला क्लीनिक देखना चाहते हैं. हम उन्हें उनकी मर्जी की जगह लेकर जाएंगे. 

आम आदमी पार्टी के विधायकों ने कहा कि हमें खुशी है कि गुजरात के नेता दिल्ली के स्कूल देखना चाहते हैं. गुजरात के सरकारी स्कूलों की हालत खस्ता है. दो साल में वहां छह हजार स्कूल बंद हो चुके हैं. 19 हजार से ज्यादा क्लास रूम्स की कमी है. वहां के स्कूल खंडहर बने हुए हैं. आज शायद गुजरात के नेताओं को पता चल गया है कि दिल्ली के स्कूलों से सीखा जा सकता है. विधायकों ने कहा कि गुजरात के प्रतिनिधिमंडल में पूर्व शिक्षा मंत्री और पूर्व मंत्री भी हैं जिनके कार्यकाल में वहां के स्कूलों की हालत खस्ता हुई.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें