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बवाना में गुलाल के लाइसेंस पर बना रहे थे पटाखे, नहीं था फायर सेफ्टी का एनओसी

बताया जाता है कि फैक्ट्री में अवैध रूप से पटाखों की पैकेजिंग का काम होता था. जबकि लाइसेंस गुलाल बनाने का था. ढाई सौ गज़ की इस फैक्ट्री के पास लाइसेंस तो गुलाल बनाने का बताया जा रहा है, लेकिन यहां पटाखों की पैकिंग हो रही थी.

बवाना फैैक्ट्री (फोटो-PTI) बवाना फैैक्ट्री (फोटो-PTI)

दिल्ली के बवाना इलाके की एक फैक्ट्री में शनिवार देर शाम लगी भीषण आग में 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग झुलस गए. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं. वहीं मरने वालों के परिजनों को सरकार ने 5-5 लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रुपये मुआवजे का ऐलान भी किया है.

फैक्ट्री में अवैध रूप से चल रहा था पटाखे का काम

फैक्ट्री के एक मालिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे की तलाश की जा रही है. बताया जाता है कि फैक्ट्री में अवैध रूप से पटाखों की पैकेजिंग का काम होता था, जबकि लाइसेंस गुलाल बनाने का था. ढाई सौ गज़ की इस फैक्ट्री के पास लाइसेंस तो गुलाल बनाने का बताया जा रहा है, लेकिन यहां पटाखों की पैकिंग हो रही थी.

आपस में भिड़े एमसीडी-दिल्ली सरकार में खींचतान

लाइसेंस देने को लेकर दिल्ली सरकार और एमसीडी आपस में एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. वहीं इसी बात पर एमसीडी और दिल्ली सरकार के खींचतान दिख रही है. फैक्ट्री को फायर सेफ्टी का एनओसी भी नहीं मिला.

फैक्ट्री के लाइसेंस पर सवाल

अब सबसे बड़ा सवाल फैक्ट्री के लाइसेंस को लेकर है. आखिर पटाखा फैक्ट्री कैसे चल रही थी और लाइसेंस एमसीडी ने दिया या दिल्ली सरकार ने दिया? लाइसेंस देने के बाद किसी ने क्यों नहीं देखा कि फैक्ट्री में क्या चल रहा है. फायर सेफ्टी की एनओसी बगैर फैक्ट्री कैसे चल रही थी.

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