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सीलिंग पर केजरीवाल लाएं बिल और केंद्र सरकार को भेजें: कपिल मिश्रा

बीजेपी अकाली विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा और 'आप' के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने मांग की है कि केजरीवाल सरकार सीलिंग के खिलाफ विधानसभा में बिल लेकर आये और फिर स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजें.

कपिल मिश्रा और मंजिंदर सिंह सिरसा कपिल मिश्रा और मंजिंदर सिंह सिरसा

दिल्ली में सीलिंग के मुद्दे पर एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप जारी है. जहां आम आदमी पार्टी और बीजेपी एक दूसरे पर सीलिंग पर राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं वहीं सीलिंग को लेकर बीजेपी अकाली विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा और 'आप' के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीलिंग के लिए केजरीवाल सरकार को आड़े हाथों लिया.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों नेताओं ने ऐलान किया है कि 16 मार्च से दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है जिसपर बीजेपी अकाली विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा और 'आप' के बागी विधायक कपिल मिश्रा ने मांग की है कि केजरीवाल सरकार सीलिंग के खिलाफ विधानसभा में बिल लेकर आएं और फिर स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजें, नहीं तो फिर बीजेपी अकाली विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा और कपिल मिश्रा प्राइवेट मेंबर बिल लेकर आएंगे.

दोनों नेताओं ने सवालों के साथ केजरीवाल सरकार पर निशान साधते हुए कहा कि दिल्ली सरकार बहुत देर से होश में आई है और अब भी तमाशा ज्यादा और काम कम की नीति पर चल रही है. दिल्ली सरकार तुरंत सुप्रीम कोर्ट को सरकार व विधानसभा दोनों की राय से अवगत करवाये और बजट सत्र के पहले ही दिन विधानसभा में सीलिंग विरोधी कानून लाया जाए.

साथ ही उन्होंने कहा कि अगर केजरीवाल सरकार विधानसभा में कानून नहीं लाती तो हम सीलिंग के खिलाफ प्राइवेट मेंबर बिल लेकर आएंगे. दिल्ली सरकार को सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकील भेजने होंगे और कोर्ट को DDA के अमेंडमेंट पर अपनी राय से अवगत करवाना होगा.

उन्होंने बजट को लेकर भी केजरीवाल सरकार को जमकर कोसा. कपिल मिश्रा ने कहा कि केजरीवाल कहते थे कि वो दिल्ली का बजट जनता से पूछकर बनाएंगे आखिर वो बजट के लिए जनता से कब पूछेंगे.

1. आखिर बजट बनाने से पहले जनता की राय क्यों नहीं ली गयी? ये सरकार जनता से पूछ कर पैसा खर्च करने की बात करती थी, अब क्या हुआ?

2. वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया पिछले साल के बजट का प्रोग्रेस स्टेटस जनता के सामने पेश करें.

- पिछले साल बजट में घोषित 49 परियोजनाएं लागू ही नहीं हुईं.

- इन 49 परियोजनाओं का 17,000 करोड़ रुपया कहां गया?

3. हम लोग दिल्ली की जनता से बजट पर राय लेंगे - आखिर दिल्ली वालों को कैसा बजट चाहिए.

4. एक गैर- राजनीतिक प्लेटफार्म 'वॉयस ऑफ डेल्ही' के माध्यम से जनता तक जाकर बजट के बारे में राय ली जाएगी.

5. जनता के बजट की एक कॉपी वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया को दी जाएगी.

6. अगर वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट में जनता की राय नहीं रखी गई तो बजट में अमेंडमेंट लाये जाएंगे.

7. बजट पर जनता की राय ट्विटर, व्हाट्सऐप, फेसबुक और ईमेल के द्वारा ली जाएगी.

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