देश की राजधानी दिल्ली में लगातार हो रही सीलिंग के खिलाफ कांग्रेस का हमला लगातार तेज होता जा रहा है. उत्तर पश्चिमी दिल्ली के बवाना में रविवार को कांग्रेस ने ललकार रैली का आयोजन किया. जिसमें कांग्रेस ने सीलिंग के लिए केंद्र की बीजेपी और दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार को जिम्मेदार ठहराया.
कांग्रेस का आरोप है कि सीलिंग के लिए दिल्ली और केंद्र सरकारें दोनों जिम्मेदार हैं. दिल्ली मे औद्योगिक इकाइयों पर जिस तरीके से सीलिंग की जा रही है उससे व्यापारियों में खासा आक्रोश है, कांग्रेस अब सीलिंग के साथ-साथ बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र और दिल्ली सरकार को घेरती की नजर आ रही है. बवाना में हुई इस रैली में कांग्रेस ने पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया साथ ही दिल्ली में आम आदमी पार्टी की ओर से चुनावों से पहले पांच लाख रोजगार देने की बात पर दिल्ली की केजरीवाल सरकार को आड़े हाथों लिया.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने इस रैली के जरिए केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मसले पर साल 2007 में जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी उस वक्त संसद में कानून लेकर आए थें. लेकिन अब केंद्र सरकार इस मसले पर कुछ नहीं कर रही है. अजय माकन ने यह भी कहा कि लोग लगातार आरोप लगा रहे हैं कि सीलिंग को लेकर मॉनिटरिंग कमेटी की आड़ में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है, ऐसे में मॉनिटरिंग कमिटी को खुद संज्ञान लेना चाहिए और मामले की जांच करवानी चाहिए.
सीलिंग के खिलाफ चल रहे न्याय युद्ध् के संयोजक व कांग्रेस नेता मुकेश शर्मा ने कहा कि दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार द्वारा दुकानों व औद्योगिक इकाईयों को गैर-कानूनी तरीके से सील किए जाने के खिलाफ दिल्ली के लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है.
दिल्ली के तमाम औद्योगिक इकाइयों में लगातार मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा लिस्ट कैंसिलेशन के नोटिस दिए जा रहे हैं. कांग्रेस ने बवाना में रैली कर व्यापारियों को आश्वासन दिया कि वह उनके साथ है. लोकसभा चुनाव नजदीक है ऐसे में कांग्रेस इस मुद्दे को पूरी तरह से भुनाने में लगी है कांग्रेस हर गली हर विधानसभा में न्याय युद्ध के जरिए दिल्ली में ललकार रैली कर रही है. इस रैली के जरिए कांग्रेस का मकसद जनता को कांग्रेस शासन की याद दिलाना है. ताकि दिल्ली की जनता जिस तरीके से सीलिंग की मार झेल रही है उससे उसको निजात दिला सके.