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चैंबर को बनाया 'मस्जिद', निकाह-धर्मांतरण करवा रहा था वकील, बार काउंसिल ने सस्पेंड किया लाइसेंस

दिल्ली बार काउंसिल ने कड़कड़डूमा कोर्ट के एक वकील के खिलाफ कर्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है. वकील पर आरोप है कि उसने अपने चैंबर का इस्तेमाल धर्मांतरण और निकाह के लिए किया.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बार काउंसिल ने सस्पेंड किया वकील का लाइसेंस
  • चैंबर में धर्मांतरण-निकाह कराने का आरोप

दिल्ली बार काउंसिल (Delhi Bar Council) ने कड़कड़डूमा कोर्ट के एक वकील के खिलाफ कर्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है. वकील पर आरोप है कि उसने अपने चैंबर (Chamber) का इस्तेमाल धर्मांतरण (Conversion) और निकाह (Nikaah) के लिए किया. इकबाल मलिक (Iqbal Malik) नामक वकील ने कथित तौर पर अपने चैंबर को 'मस्जिद' में बदल दिया था और उसमें कई तरह के समारोह आयोजित किए गए.

इस मामले में दिल्ली बार काउंसिल ने अनुशासन समिति का गठन किया. साथ ही एक्शन लेते हुए वकील इकबाल का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया. इसके अलावा, काउंसिल ने पुलिस को मामले की जांच की अनुमति देने के लिए वकील के चैंबर को सील करने का आदेश दिया है. साथ ही कड़कड़डूमा कोर्ट के जज इंचार्ज से मांग की है कि आरोपी वकील इकबाल मलिक के चैंबर का आवंटन अवैध गतिविधियों के चलते रद्द कर दिया जाए. 

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बार काउंसिल ने कहा, हमारे संज्ञान में लाया गया कि इकबाल मलिक का चैंबर असामाजिक और अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता था. उसमें निकाह और धर्मांतरण जैसे समारोह आयोजित होते थे. काउंसिल ने वकील इकबाल को सात दिनों के भीतर कमेटी के सामने अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है. अगर तय समय तक ऐसा नहीं किया जाता है तो फिर उचित कार्रवाई की जाएगी.

बार काउंसिल ने यह भी कहा कि 3 जून, 2021 के विवाह प्रमाण पत्र में निकाह की जगह का उल्लेख है जो आपके चैंबर से मेल खाता है. डॉक्युमेंट्स से पता चला है कि इकबाल मलिक ने अपने चैंबर से एक कन्वर्जन ट्रस्ट चलाया था.

 

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