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केजरीवाल के दावों को झटका, जनलोकपाल बिल पर संविधान विशेषज्ञों से नहीं ली गई राय!

जनलोकपाल बिल को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुसीबत बढ़ती जा रही है. बिल को लेकर अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि यह असंवैधानिक नहीं है और इस पर 4 संविधान विशेषज्ञों की राय ली गई है. लेकिन सूत्रों के मुताबिक, 2 विशेषज्ञों ने इससे इनकार किया है.

जनलोकपाल बिल पर 'संकट' जनलोकपाल बिल पर 'संकट'

जनलोकपाल बिल को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुसीबत बढ़ती जा रही है. बिल को लेकर अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि यह असंवैधानिक नहीं है और इस पर 4 संविधान विशेषज्ञों की राय ली गई है. लेकिन 2 विशेषज्ञों ने इससे इनकार किया है.

इन विशेषज्ञों में केएन भट्ट और पिनाकी मिश्रा का नाम सामने आ रहा है. इनकी मानें, तो इनसे खास जनलोकपाल पर कोई राय नहीं ली गई है, बल्कि बाकी दूसरे कई मुद्दों पर बात हुई. बाकी दूसरे 2 वकील हैं मुकुल मुदगल और पीवी कपूर.

दरअसल, केजरीवाल ने अपनी चिट्ठी में कानून के चार जानकारों का हवाला दिया है. केजरीवाल ने लिखा कि कानून के जानकारों ने बताया था कि दिल्ली को जनलोकपाल के लिए केंद्र की मंजूरी नहीं चाहिए. लेकिन कानून के जिन जानकारों का हवाला केजरीवाल दे रहे हैं, उनसे जनलोकपाल के बारे में नहीं पूछा गया था, बल्कि यह पूछा गया था कि क्या दिल्ली अपनी मर्जी से कानून बना सकती है या नहीं.

इससे पहले, दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने सॉलिसिटर जनरल मोहन पराशरन से जनलोकपाल पर राय मांगी थी. सूत्रों के मुताबिक, सॉलिसिटर जनरल ने नजीब जंग को बताया कि बिना केंद्र सरकार की मंज़ूरी के दिल्ली सरकार का जनलोकपाल लागू नहीं किया जा सकता. हालांकि सॉलिसिटर जनरल की आपत्ति के बावजूद सरकार इसी सत्र में बिल पास कराने पर अड़ी है. केजरीवाल ने सवाल उठाया है कि क्या भ्रष्टाचारियों को जेल भेजना संविधान के खिलाफ है?

कांग्रेस व बीजेपी ने की AAP की निंदा
दिल्ली के उपराज्यपाल पर केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के हमले की कांग्रेस और बीजेपी, दोनों ने निंदा की है. कपिल सिब्बल ने आम आदमी पार्टी पर जोरदार वार किया है. उन्होंने कहा है कि AAP को सरकार चलाना नहीं आता. यही वजह है कि वह दूसरों पर आरोप लगाने में जुटी है.

उधर, BJP ने कहा है सॉलिसिटर जनरल की राय ने आम आदमी पार्टी को बेनकाब कर दिया है.

बहरहाल, केजरीवाल के जनलोकपाल के बहाने दिल्‍ली व देश में सियासत में अभी और उबाल आना बाकी है.

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