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जनलोकपाल पर एलजी और सीएम के बीच जंग, केजरीवाल ने चिट्ठी में मंसूबे पर उठाए सवाल

सॉलिसिटर जनरल की राय से अप्रभावित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की सहमति के बिना ही जनलोकपाल बिल लागू करने की योजना के बारे में लेफ्टिनेंट गवर्नर को चिट्ठी लिखी.

अरविंद केजरीवाल अरविंद केजरीवाल

सॉलिसिटर जनरल की राय से अप्रभावित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की सहमति के बिना ही जनलोकपाल बिल लागू करने की योजना के बारे में लेफ्टिनेंट गवर्नर को चिट्ठी लिखी है. सॉलिसिटर जनरल मोहन परासरन की ओर से लेफ्टिनेंट गवर्नर नजीब जंग को अपनी राय से अवगत कराने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री ने ये पत्र लिखा है.

जंग ने परासरन से बिना केंद्र की मंजूरी के दिल्ली सरकार के जनलोकपाल विधेयक लागू करने से जुड़े संवैधानिक पहलुओं पर राय देने को कहा था. परासरन ने उन्हें बताया था कि अगर बिना मंजूरी के लागू होता है, तब यह अवैध होगा. सॉलिसिटर जनरल ने कहा, मैं राजनीति की चिंता नहीं करता हूं. हमने केवल संवैधानिक स्थिति पर अपनी राय पेश की. इसलिए, इस पर और कानून की संभावना पर सरकार को विचार करना है.

अरविंद केजरीवाल का पूरा खत...

दिल्ली कैबिनेट ने 3 फरवरी को जनलोकपाल विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी थी. इसमें भ्रष्टाचार में दोषी पाए जाने पर मुख्यमंत्री से लेकर ग्रुप डी वर्ग के कर्मचारियों को अधिकतम आजीवन कारावास की सजा की बात कही गई है. आप सरकार की इस बिल को 13 फरवरी को दिल्ली विधानसभा में पेश करने की योजना है.

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