5 साल की बच्ची के साथ हैवानियत से दिल्ली हिल उठी है और राजधानी के लोग सहम गए हैं. हैरानी दिल्ली पुलिस के रवैये से भी हो रही है.
इस मामले में दिल्ली के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. महिला प्रदर्शनकारियों ने जब दिल्ली पुलिस अधिकारियों से इस बाबत जवाब मांगना चाहा तो बदले में मिले थप्पड़.
एसीपी बीएस अहलावत ने प्रदर्शन कर रही युवती को अस्पताल के अंदर कम से कम चार बार थप्पड़ मारा. उन्हें पुलिस आयुक्त नीरज कुमार द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने कहा कि हमें इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर खेद है और बीएस अहलावत, जो कैमरे पर यह दुर्व्यवहार करते हुए दिख रहे हैं, उन्हें निलंबित किया गया है और विभागीय जांच के आदेश दिये गये हैं. इस तरह का कदम बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.
ACP बेनी सिंह अहलावत ने कितना जोर से थप्पड़ मारा, इसका अंदाजा इस तस्वीर को देखकर लगाया जा सकता है.
ये है वह बहादुर लड़की, जिसने पुलिस के सामने आवाज बुंलद करने का साहस किया. इसी बहादुर लड़की को दिल्ली पुलिस के एसीपी ने थप्पड़ मारा.
एसीपी ने इतना जोर से थप्पड़ मारा कि उनकी उंगलियों के निशान उसके कान और गाल पर साफ नजर आ रहे थे.
पुलिस से जिरह करती लड़कियां. यही जिरह पुलिस को नागवार गुजरी और जड़ दिया थप्पड़.
अस्पताल में दिल्ली पुलिस से बहस करते प्रदर्शनकारी.
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गांधीनगर में हुए रेप का विरोध किया.
गांधीनगर रेप केस में प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली की मंत्री किरण वालिया की कार को घेर लिया.
गांधीनगर रेप केस में प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली की महिला एवं बाल विकास मंत्री किरण वालिया का घेराव किया. उन्हें पीडि़त लड़की से मिले बिना ही लौटना पड़ा.
एडिशनल डीसीपी आसिफ मोहम्मद ने गांधीनगर रेप केस में पुलिस की लापरवाही को मानने से इनकार कर दिया और कहा कि पुलिस के लिए ऐसे मामलों में काम करना काफी जटिल होता है. बावजूद तमाम दिक्कतों के हम आरोपियों तक पहुंचे हैं.