भिलाई स्थित बीएसपी के मैत्री गार्डन में उस समय गहमा गहमी मच गई जब एक सफेद शेरनी पिंजरे की जाली तोड़कर बाहर आ गई. इस दौरान केज के बाहर और मैत्री बाग में पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ मौजूद थी. जैसे ही सफेद बाघिन के पिंजरे से बाहर आने के बारे में लोगों पता चला वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए. कुछ देर बाद भगदड़ की स्थिति भी बन गई.
शेरनी अपने पिंजरे के बाहर कुछ दूरी पर सांभर और हिरण के केज के पास ही टहलती रही. मैत्री बाग जू प्रबंधन के अफसर और कर्मी दल ने फौरन घटनास्थल का रुख किया. देर शाम कड़ी मशक्क्त के बाद सफेद शेरनी को मशाल दिखाकर वापस पिंजरे के पास लाया गया. वहां दूसरे पिंजरे में मौजूद बाघ को देखकर वह स्वयं तेजी से उसी केज में घुस गई. इस पूरी घटना को मैत्री बाग जू प्रबंधन की लापरवाही से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि प्रबंधन ने इस बारे में चुप्पी साध ली है.
बताया गया कि शाम का समय होने की वजह से मैत्री बाग चिड़ियाघर में 200 से ज्यादा लोग मौजूद थे. छोटे बच्चे अपने माता-पिता के साथ यहां जानवरों को देखने आए थे, जैसे ही पिंजरे के करीब टूटी हुई जाली से शेरनी बाहर आई, लोग डर गए. फिर अचानक लोग चिल्लाकर भागने लगे. लोगों की चीख-पुकार सुनकर शेरनी भी सहम गई और पिंजरे के करीब बैठ गई. मौके पर पहुंचे कर्मियों ने पिंजरे के दूसरे रास्ते बंद किए और उसे वापस दूसरे पिंजरे में खदेड़ने की कवायत में जुट गए. उसके पिंजरे में जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली. बड़ी तादाद में लोग मैत्री बाग जू प्रबंधन के खिलाफ लोगों की जान आफत में डालने के लिए वैधानिक कार्यवाही करने की मांग कर रहे हैं.