scorecardresearch
 

छत्तीसगढ़: सुकमा में नक्सलवाद को बड़ा झटका, 76 लाख के 21 इनामी नक्सलियों ने हथियार डाल किए सरेंडर

छत्तीसगढ़ के सुकमा में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है, जहां 76 लाख रुपये के इनामी 21 सक्रिय नक्सलियों ने सरेंडर किया है. इनमें 14 महिला कैडर भी शामिल हैं. इन नक्सलियों ने तिरंगा और संविधान के साथ हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया.

Advertisement
X
बस्तर रेंज में नक्सलवाद अंतिम दौर में (Photo: ITG/ Chandradeep Kumar)
बस्तर रेंज में नक्सलवाद अंतिम दौर में (Photo: ITG/ Chandradeep Kumar)

छत्तीसगढ़ के सुकमा में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. 76 लाख रुपये के 21 इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है. बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक और बड़ी और ऐतिहासिक सफलता मिली है. नक्सलियों ने हाथ में तिरंगा और संविधान लेकर अब मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया है और नक्सलवाद को अलविदा कह दिया है.

सुकमा जिला पुलिस और विशेष आसूचना शाखा (वि.आ.शा.) के संयुक्त प्रयासों से 21 सक्रिय माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है. आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर कुल 76 लाख रुपये का इनाम घोषित था. इनमें 14 महिला कैडर भी शामिल हैं, जो संगठन के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सक्रिय थीं.

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुंदरराज (IPS) और सुकमा एसपी श्री किरण चव्हाण (IPS) के समक्ष इन कैडरों ने AK-47, SLR और INSAS जैसे अत्याधुनिक हथियारों के साथ सरेंडर किया.

बड़े चेहरों ने छोड़ा संगठन का साथ

  • आत्मसमर्पित कैडरों में दरभा, दक्षिण बस्तर, केकेबीएन (ओडिशा) और इंद्रावती एरिया कमेटी के प्रमुख सदस्य शामिल हैं. 
  • 03 DVCM रैंक के अधिकारी: सोढ़ी महेश (इनाम ₹8 लाख), पोडियम राजू (इनाम ₹8 लाख) और कारम ममता (इनाम ₹8 लाख).
  • 05 ACM रैंक के कैडर: इनमें कुंजाम देवे, मड़वी मंजू, रामबत्ती, पोडियम कोसी और लेकाम लिंगे शामिल हैं (प्रत्येक पर ₹5 लाख का इनाम).
  • 13 पार्टी मेंबर्स: विभिन्न प्लाटून और एरिया कमेटियों में सक्रिय सदस्य.

Advertisement

यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ के सुकमा में 5 लाख के इनामी समेत 4 नक्सलियों ने किया सरेंडर, हथियार डालने वालों में 2 महिला नक्सली भी

हथियारों का जखीरा बरामद

नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के दौरान भारी मात्रा में असलहा और गोला-बारूद भी जमा किया, जिसमें शामिल हैं - 

  • AK-47: 03 नग (08 मैगजीन, 120 राउंड)
  • SLR: 02 नग (04 मैगजीन, 40 राउंड)
  • INSAS: 01 नग (50 राउंड)
  • BGL लॉन्चर: 03 नग (20 राउंड)
  • अन्य: 05 सिंगल शॉट बंदूकें, जिलेटिन रॉड्स और डेटोनेटर.

‘पूना मारगेम’ और विकास का असर

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुदूर अंचलों में नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना, बेहतर सड़क कनेक्टिविटी और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच से नक्सलियों का आधार क्षेत्र सिमट गया है. सुकमा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “पूना मारगेम - पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान ने नक्सलियों के बीच विश्वास जगाया है, जिससे संगठन में बड़े स्तर पर मोहभंग हो रहा है.

बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने कहा कि कैडरों का समर्पण इस बात का साफ संकेत है कि नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है. हम बचे हुए सक्रिय सदस्यों से भी अपील करते हैं कि वे हिंसा छोड़ें और शासन की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर सम्मानजनक जीवन शुरू करें.

सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और विकास कार्यों ने माओवादियों के स्वतंत्र विचरण को समाप्त कर दिया है. जिला पुलिस आत्मसमर्पित कैडरों के पुनर्वास और सुरक्षित भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

Advertisement

इस अवसर पर डीआईजी सीआरपीएफ आनंद सिंह राजपुरोहित सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. शासन की नीति के अनुसार, सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को तत्काल आर्थिक सहायता और पुनर्वास सुविधाओं का लाभ दिया जाएगा.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement