छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजेपी हमला बोला है. उन्होंने कहा कि उन पर बीजेपी ने कोयला घोटाला, शराब घोटाला और चावल घोटाला का आरोप लगाता रहा है. परंतु सत्ता में आने के बाद भाजपा ने केवल एफआईआर की है. इस सरकार के मंत्री केवल वसूली करने में लगे हैं और विष्णु जी को भोग चढ़ा रहे हैं. ईवीएम पर केवल एक बयान देने से भाजपाइयों को जमकर मिर्ची लग गई है.
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दुर्ग लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय के उद्घाटन करने पहुंचे थे. इस अवसर पर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आज वरिष्ठ नेताओं एवं जिला अध्यक्षों ने अपनी बात रखी है कि चुनाव में हमें किस प्रकार से जाना है. मुद्दा चाहे प्रदेश के हो या राष्ट्र के हो सभी महत्वपूर्ण है. इन मुद्दों को लेकर हम चुनावी समर में जा रहे हैं.
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यह चुनाव आम चुनाव नहीं खास चुनाव है. भाजपा नारा लगा रही है कि 400 पार. 400 सीट इसलिए चाहिए कि संविधान को बदलना है. आज संविधान और लोकतंत्र खतरे में है. जिस प्रकार से दिल्ली के मुख्यमंत्री को और झारखंड के मुख्यमंत्री को जेल में ठूंस दिया गया है. प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के बैंक खाते सीज कर दिए गए हैं. चुनाव सर पर है और ईडी व आईटी लगातार कार्रवाई कर रही है.
'भाजपा पर 6000 करोड़ लगानी चाहिए पेनल्टी'
विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी के खाते सीज कर दिए गए हैं. जिन कारणों से 1800 करोड रुपये की पेनल्टी लगाई गई है. परंतु राजनीतिक दल को कोई आयकर का भुगतान नहीं करना होता है. इसके बावजूद कांग्रेस पार्टी पर पेनल्टी लग रहे हैं. जिस प्रकार से आकलन किया गया है उस स्थिति में भाजपा के ऊपर 6000 करोड़ की पेनल्टी लगाई जानी चाहिए. आयकर विभाग केवल कांग्रेस पार्टी को नोटिस दे रहा है.
'जनता हित की सभी योजनाएं बंद'
प्रदेश सरकार पर टिप्पणी करते हुए बघेल ने कहा कि आज सरकार बदलने के बाद जनता ठगा सा महसूस कर रही है. महतारी वंदन योजना में महिलाओं को पैसा नहीं मिला. किसानों को पैसा नहीं मिला. मुफ्त राशन देने की बात कही गई थी, अब राशन में भी कटौती की जा रही है. दो महीने से नमक बंद कर दिया गया है. जैसे ही कांग्रेस के द्वारा आवाज बुलंद की गई, तो दो माह का राशन दिया गया है.
'ईवीएम का हुआ था उपयोग तभी दुर्ग में जीते थे चुनाव'
बघेल ने कहा कि मैं केवल ईवीएम बंद करने की बात कही है और उसे रोकने का उपाय बताया था. मैं नहीं कह रहा हूं कि इतनी संख्या में उम्मीदवारों को खड़ा होना चाहिए. लोकतंत्र है, जितने लोग चुनाव में खड़ा होंगे भला उन्हें कौन रोक सकता है. दुर्ग में बीजेपी 3 लाख 90 हजार मतों से चुनाव जीते थे. परंतु जब संसद एयरपोर्ट पर पहुंचे, तो उनके स्वागत के लिए 50 आदमी भी उपस्थित नहीं थे. इससे स्पष्ट होता है कि ईवीएम से चुनाव जीता गया है.
भाजपाइयों को लगी मिर्ची तो मैं क्या करूं?
बघेल ने कहा कि संख्यात्मक रूप से थोड़ा सा परिवर्तन हो सकता था. मेरे द्वारा 375 उम्मीदवारों की बात कही गई थी. परंतु निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर स्पष्ट लिखा हुआ है कि नोटा सहित 384 उम्मीदवार होने की स्थिति में ईवीएम से चुनाव करना संभव नहीं है. मेरे इस कथन से भारतीय जनता पार्टी को जोर की मिर्ची लगी और मेरे खिलाफ निर्वाचन आयोग में कार्रवाई की. चुनाव प्रचार करने से रोकने की भी शिकायत की गई है. इसका अर्थ है कि भाजपा ईवीएम के भरोसे चुनाव लड़ रहे हैं.