छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नारायणपुर में नक्सलियों को ढेर करने वाले DRG के जवानों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया. साढ़े तीन करोड़ रूपये के इनामी नक्सलियों को मारकर इतिहास रचा गया है. माओवादियों के टॉप लीडर नम्बाला केशव राव उर्फ़ बसवराजु को ढेर कर लौटे जवानों का जोश-ओ-ख़रोश के साथ अभिनंदर हुआ. देर रात बारिश के दौरान बस्तरिया गीत में DRG के जवान झूमते नजर आए.
देश के सबसे बड़े नक्सली को मार गिराने के बाद ऑपरेशन से लौटे जवानों का जश्न मनाते हुए वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि जवान खुशी में झूम रहे हैं. जवानों ने नक्सली बसव राजू सहित 27 नक्सलियों को मार गिराया.
बसवराजू की मौत नक्सल नेटवर्क की रीढ़ तोड़ने जैसा
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बसव राजू के कार्यकाल में माओवादी आंदोलन रणनीतिक रूप से कमजोर हुआ. हालांकि, वह सैन्य अभियानों के लिए जिम्मेदार रहा और बस्तर में कई बड़े हमलों की साजिश रचता रहा. सुरक्षा विशेषज्ञ और प्रोफेसर डॉ. गिरीशकांत पांडे बताते हैं, "बसवराजू एक सैन्य रणनीतिकार था लेकिन उसके पास राजनीतिक सोच का अभाव था. उसके नेतृत्व में माओवादी आंदोलन ने दिशा खो दी. यही वजह है कि माओवादी आंदोलन दिशा भटक गया. उसकी मौत माओवादी नेटवर्क की रीढ़ तोड़ने जैसा है.''
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बसवराजू के कार्यकाल में हुए बड़े नक्सली हमले...
2003 में अलीपीरी बम विस्फोट:- आंध्र प्रदेश के तत्कालीन सीएम चंद्रबाबू नायडू की हत्या का प्रयास.
2010 में दंतेवाड़ा नरसंहार:- इस हमले में 76 सीआरपीएफ जवान मारे गए थे.
2013 में झीरम घाटी हमला:- इसमें वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं सहित 27 लोग मारे गए थे.
2019 में श्यामगिरी हमला:- बीजेपी विधायक भीमा मंडावी सहित पांच लोग मारे गए.
2020 में मिनपा एंबुश:- सुकमा में हुए नक्सली हमले में 17 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे.
2021 में टेकलगुड़ेम हमला:- बीजापुर में उस साल का सबसे बड़ा नक्सली हमला, जिसमें 22 जवान शहीद हो गए.