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छत्तीसगढ़: SC ने बढ़ाई मंत्री अजय चंद्राकर की मुश्क‍िलें

पूर्व में निचली अदालत ने मंत्री जी की चल और अचल संपत्ति की जांच की प्रक्रिया शुरू करने की नीव रख दी थी. निचली अदालत के रुख को देखते हुए मंत्री जी ने मामले को फ़ौरन रोकने के लिए बिलासपुर हाई कोर्ट का रुख किया था.

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मंत्री अजय चंद्राकर (फाइल)
मंत्री अजय चंद्राकर (फाइल)

छत्तीसगढ़ के पंचायत और स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने मामले को निचली अदालत में अपील करने का निर्देश दिया है.

पूर्व में निचली अदालत ने मंत्री जी की चल और अचल संपत्ति की जांच की प्रक्रिया शुरू करने की नीव रख दी थी. निचली अदालत के रुख को देखते हुए मंत्री जी ने मामले को फ़ौरन रोकने के लिए बिलासपुर हाई कोर्ट का रुख किया था.

यहां वो तकनीकी आधार पर याचिका को निरस्त कराने में कामयाब रहे थे. अगस्त 2017 को हाई कोर्ट से याचिका निरस्त होने के बाद 22 नवंबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अपील की गयी थी. हालांकि इसके दो दिन बाद ही अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए मंत्री अजय चंद्राकर ने कैविएट लगा दिया था.

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बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एन. वी. रमन्ना और जस्टिस अब्दुल नजीर की संयुक्त पीठ ने मामले की सुनवाई की. करीब घंटे भर की बहस के बाद अदालत ने मंत्री अजय चंद्राकर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को निपटारे के लिए निचली अदालत को सौंप दिया.

याचिकाकर्ता मंजीत कौर और कृष्ण कुमार साहू की ओर से पैरवी करते हुए वकील एम.पी. शुक्ला ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की कॉपी मिलते ही वे धमतरी जिला एवं सत्र न्यायालय में दोबारा मामले की अपील करेंगे.  

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