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कुशवाहा को NDA में पीएम नरेंद्र मोदी से आखिरी उम्मीद, मांगा मिलने का समय

राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह कुशवाहा ने सीट बंटवारे को लेकर बीजेपी को 30 नवंबर तक का अल्टीमेटम दिया है. कुशवाहा ने कहा कि वो नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं, लेकिन आत्मसम्मान से समझौता नहीं करेंगे.

उपेंद्र सिंह कुशवाहा (फोटो-Twitter) उपेंद्र सिंह कुशवाहा (फोटो-Twitter)

एनडीए में साइड लाइन किए गए केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) के अध्यक्ष उपेंद्र सिंह कुशवाहा की आखिरी उम्मीद अब पीएम मोदी से है. उन्होंने मोदी से मिलने का समय मांगा है. कुशवाहा ने रविवार को ट्वीट कर कहा, बिहार-एनडीए की राजनीतिक परिस्थितियों से अवगत कराने के लिए प्रधानमंत्री मोदी से 27 से 30 नवंबर के बीच मुलाकात का समय मांगा है.

एक दिन पहले ही कुशवाहा ने कविता के माध्यम से अंतिम पैगाम भेजा था, जिसमें दिनकर की कविता का उदाहरण देते हुए कहा गया कि अगर न्याय देना है तो ज्यादा दो, अगर उसमें कोई बाधा हो तो केवल हमारा सम्मान दे दो. दिनकर की कविता में यह उस समय का जिक्र किया गया है जब कृष्ण महाभारत टालने के उद्देश्य से कौरवों से मिलने गए थे और केवल पांच गांवों की मांग की थी जिससे युद्ध न हो. उसी कविता के जरिए RLSP ने अपने आधिकारिक ट्विटर से अंतिम पैगाम देने की कोशिश की है, कि कम से कम हमारा सम्मान तो दे दो.

कुशवाहा लगातार कह रहे हैं कि वह नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं, लेकिन आत्मसम्मान से समझौता नहीं करेंगे. कुशवाहा दो बार बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलने का समय मांग चुके हैं, लेकिन उन्हें समय नहीं मिला. बताया जाता है कि चुनाव में व्यस्त होने के कारण अमित शाह ने उन्हें समय नहीं दिया. हालांकि कहा यह भी जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ कुशवाहा के बयान से अमित शाह खफा हैं. उनका मानना है कि कुशवाहा ने बिना मतलब विवाद पैदा किया. लेकिन अब उपेंद्र कुशवाहा सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना चाहते हैं.

दो नाव पर सवारी ठीक नहीं : चिराग पासवान  

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने रालोसपा के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा को नसीहत देते हुए दो नाव पर सवारी नहीं करने की नसीहत दी है. लोजपा के सांसद चिराग पासवान ने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा को दो नाव पर सवार नहीं होना चाहिए. किसी भी नेता को अपने ही गठबंधन के सहयोगियों के खिलाफ बोलना गलत बात है.

लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे के फॉर्मूले से नाराज कुशवाहा को आड़े हाथों लेते हुए चिराग पासवान ने कहा, अभी सीट बंटवारे को लेकर बातचीत चल ही रही है, ऐसे में गठबंधन को डेडलाइन देना या अल्टीमेटम देना सही नहीं है. इससे साफ लगता है कि कुशवाहा राजग से अलग होना चाहते हैं.

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