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अब तो मैं भी लालू...तुम भी लालू...हम सब लालू, बोलीं राबड़ी देवी

लालू प्रसाद यादव की संसद की सदस्यता खत्म हो गई है पर उनकी पत्नी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पूरी उम्मीद है कि लालू जोरदार वापसी करेंगे. उन्होंने यह भी कहा है कि आरजेडी इस तरह की स्थिति के लिए पहले से तैयार थी.

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी

लालू प्रसाद यादव की संसद की सदस्यता खत्म हो गई है पर उनकी पत्नी और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को पूरी उम्मीद है कि लालू जोरदार वापसी करेंगे. उन्होंने यह भी कहा है कि आरजेडी इस तरह की स्थिति के लिए पहले से तैयार थी.

राबड़ी देवी ने यहां तक दम भरा कि आरजेडी की रैलियों को अपार समर्थन मिल रहा है. लोग हम भी लालू...तुम भी लालू...हम सब लालू का नारा दे रहे हैं.

लालू प्रसाद की सदस्यता रद्द किए जाने के बाद जब राबड़ी देवी से हमारे संवाददाता कुमार अभिषेक ने बात की तो उन्होंने कहा, 'झटका नहीं है ये. साजिश के तहत हुआ है. कोई सबूत नहीं होने के बावजूद सजा मिली है. फिर भी न्यायालय पर पूरा भरोसा है. लालू जी जल्द से जल्द बाहर आएंगे. चुनाव नहीं लड़ेंगे तो क्या हुआ पार्टी को आगे बढ़ाएंगे. चुनाव प्रचार करेंगे. दरअसल, लालू प्रसाद को साजिश के तहत फंसाया गया. चुनावों को देखकर ऐसा हुआ है. बिहार की जनता सब समझ रही है. पूरे प्रदेश की जनता हमारे साथ है.'

पार्टी की रैलियों को मिल रहे समर्थन पर उन्होंने कहा, 'हर जगह हमारा कार्यक्रम हो रहा है. कहीं कोई रुकावट है. हमारी रैलियों में भीड़ जमा हो रही है. हम भी लालू... तुम भी लालू... हम सब लालू... का नारा लग रहा है.'

लालू की अनुपस्थिति पार्टी कौन चलाएगा इस सवाल पर राबड़ी देवी ने कहा, 'कमान कौन संभालेगा, इसका सवाल ही नहीं उठता है. पार्टी खुद ही अपना कमान संभाले हुए है. पार्टी अपनी लड़ाई खुद लड़ रही है. सभी बोल रहे हैं. हमलोग एक साथ हैं. जहां तक मेरे बच्चों के चुनाव लड़ने की बात है. जनता चाहेगी तो मेरे बच्चे चुनाव जरूर लड़ेंगे पर जब उम्र होगी तभी. मैं और मेरे बेटे बिहार की जनता की बेहतरी के लिए और पार्टी की मजबूती के लिए चुनाव प्रचार करेंगे न की किसी पद के लिए.'

बिहार के मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा, 'नीतीश कुमार दिखावटी धर्मनिरपेक्ष हैं. वे आडवाणी के मुखौटा हैं. आडवाणी को पीएम बनाने की बात होगी तो नीतीश बीजेपी का साथ देंगे. मोदी पर तो कटाक्ष करते हैं पर सवाल यही है कि आडवाणी और मोदी में क्या फर्क है. पार्टी तो अलग-अलग नहीं है. बीजेपी और आरएसएस सब तो एक ही हैं. आज मोदी के नाम पर गठबंधन तोड़ लिया है पर जब गोधरा कांड हुआ तब क्यों नहीं अलग हुए. आज बिहार की जनता को मुर्ख बनाने की कोशिश कर रहे हैं. नीतीश कितनी भी कोशिश कर लें पर वे मोदी को नहीं रोक पाएंगे.'

कांग्रेस से गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा, 'पिछले लोकसभा चुनाव के वक्त गठबंधन टूटना हमारी पार्टी की गलती थी. जो भी पार्टी सामाजिक न्याय विचारधारा वाली पार्टी है उन्हें एकजुट होना होगा. धर्मनिरपेक्ष पार्टियों को साथ आना होगा. कांग्रेस अभी अपने पत्ते नहीं खोलेगी. पर हम अपील करते हैं कि सांप्रदायिक शक्तियों को हराने के लिए हम एक विचारधारा के लोग एक साथ आएं. अगर कांग्रेस चाहे तो सीटों को लेकर समझौते को भी तैयार हैं. दोनों पार्टियों के नेताओं की मुलाकात तो हो ही रही है. सीटों के बंटवारे पर फैसला तो समझौता होने के बाद ही होगा.'

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