आम आदमी के लिए पुलिस पर भरोसा करना अक्सर मुश्किल होता है. लेकिन वर्दीवाले अगर ठान लें तो मुजरिमों के लिए बचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो जाता है.
पटना पुलिस ने ऐसी ही मिसाल कायम करते हुए छेड़खानी के 2 आरोपियों को पकड़ा है. पुलिस को इन तक पहुंचने के लिए चार दिनों तक मशक्कत करनी पड़ी. इस दौरान कुल 160 बाइक्स के रिकॉर्ड खंगाले गए.
19 जनवरी की शाम को बोरिंग रोड चौराहे पर दो मनचलों ने एक मेडिकल छात्रा और उसकी बहन के साथ बदसलूकी की थी. इसके बाद आरोपी बाइक पर फरार हो गए. पीड़ित लड़कियां बाइक का मॉडल और रजिस्ट्रेशन नंबर नोट करने में कामयाब रहीं.
लेकिन एसके पुरी थाने में पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया. इसके बाद लड़कियों ने पटना के एसएसपी मनु महाराज से संपर्क साधा. एसएसपी ने मनचलों को पकड़ने के लिए खास टीम बनाई.
आसान नहीं था केस
हालांकि पुलिस के लिए आरोपियों तक पहुंचना आसान नहीं था. पीड़ित लड़कियां सिर्फ रजिस्ट्रेशन नंबर के अंक नोट कर पाई थीं. लिहाजा उस सीरीज के नंबरों वाली सभी बाइक्स के रिकॉर्ड चेक किए गए. मुश्किल ये भी थी कि 2014 में खरीदी गई इस बाइक को पांच बार बेचा गया था. इनमें से तीन खरीददारों ने इसे अपने नाम पर रजिस्टर ही नहीं करवाया. उस पर आरोपियों ने बाइक की नंबर प्लेट को नष्ट करने की कोशिश भी की. इसके बावजूद पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा.
पकड़े गए आरोपियों में से आशीष आनंद के पिता इनकम टैक्स अधिकारी हैं जबकि स्निग्ध नाम के युवक के पिता ठेकेदार हैं.