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9 महीने से लापता बेटियों की तलाश में थाने के लगा डाले एक हजार चक्कर

बिहार में पिछले 9 महीनों से लापता अपनी दो बेटियों की तलाश में दर-दर भटक रही एक मां की कहानी जानकर मंगलवार को सब हैरान रह गई. सीता देवी नाम की ये महिला प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी के जनता दरबार में पहुंची थी. उसकी फरियादी चिठ्ठी में जितने दरवाजों पर दस्तक का जिक्र है, वो बिहार के सुशासन की पोल खोलने के लिए काफी है.

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थम नहीं रहे हैं बेबस मां के आंसू
थम नहीं रहे हैं बेबस मां के आंसू

बिहार में पिछले 9 महीनों से लापता अपनी दो बेटियों की तलाश में दर-दर भटक रही एक मां की कहानी जानकर मंगलवार को सब हैरान रह गई. सीता देवी नाम की ये महिला प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी के जनता दरबार में पहुंची थी. उसकी फरियादी चिठ्ठी में जितने दरवाजों पर दस्तक का जिक्र है, वो बिहार के सुशासन की पोल खोलने के लिए काफी है.

अपनी दो जवान बेटियों को ढूंढ़ने की कोशिश में सीता देवी दर-दर भटकी और फरियाद का कोई दरवाजा नहीं छोड़ा लेकिन इस मां के सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है कि आखिर उसकी बेटियों को आसमान खा गया या जमीन निगल गई. विपक्ष के नेता के जनता दरबार में पहुंची इस मां के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे.

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दर-दर भटकने के बावजूद नहीं मिला बेटियों का सुराग
सीता देवी बिहार के शेखपुरा की रहने वाली हैं. उनकी 15 साल की बेटी रागिनी और 13 की बेटी राजमणि को बदमाशों ने पिछले साल 21 अगस्त को अगवा कर लिया था. दोनों को उस वक्त अगवा कर लिया गया था कि जब सीता देवी अपनी दुकान पर गई थी. दोनों बेटियां कहां और किस हाल में हैं, इसकी जानकारी इस मां को नहीं है. थानेदार से लेकर तक गुहार लगाकर थक चुकीं सीता देवी , लेकिन मां के इन आंसुओं से ज्यादा उसकी उस फरियादी चिठ्ठी पर कलम से लिखे वो लफ्ज ज्यादा मायने रखते हैं, जो बिहार में शासन चला रहे लोगों के दरवाजों पर दस्तक की फेहरिस्त है.

1000 से ज्यादा बार लगा चुकी है चक्कर
बेटियों को ढूंढ़ती ये मां पिछले 9 महीनों में नीतीश कुमार के जनता दरबार में 4 बार, लालू यादव के पास 5 बार, डीजीपी के पास 5 बार, शेखपुरा एसपी के पास 10 बार, नवादा एसपी के पास 50 बार, डीआईजी गया के पास 10 आवेदन, पटना डीआईजी के पास दस आवेदन, डीएम नवादा के पास 10 आवेदन और वारसलीगंज थाना प्रभारी के पास एक हजार बार चक्कर लगा चुकी है लेकिन आजतक इसे बेटियों का पता नहीं सिर्फ आश्वासन मिला है.

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मकान मालिकों की बेटियों पर थी बुरी नजर
सीता देवी के मुताबिक वो बाजार में घूम-घूम कर सामान बेचती हैं और अपनी दोनों बेटियों और पति के साथ किसी तरह जीवन गुजर बसर कर रही थी. बात पिछले साल की है जब नवादा के वारसलिगंज में वो सुबेलाल यादव के यहां किराये पर रहने लगी, लेकिन मकान मालिक और उसके बेटों के बुरी नजर उनकी दोनों बेटियों रागनी और राजमणि पर पड़ गई. कई बार बेटियों से छेड़छाड हुई तो सीता देवी ने अपना ठिकाना बदल दिया लेकिन मकान मालिक और उसके बेटों ने इसका पीछा करना नहीं छोड़ा. सीता देवी ने बताया कि पिछले साल 21 अगस्त को जब वो अपनी दुकान पर गई थी, तभी उसकी दोनो बेटियों को अगवा कर लिया गया और तब से आजतक उनका अता-पता नहीं है.

मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी नहीं सुनी गई फरियाद
सीता अपनी दोनों बेटियों की तलाश में 4 बार मुख्यमंत्री के जनता दरबार भी जा चुकी हैं लेकिन आज तक कोई नतीजा नहीं निकला. आरोपी सीता देवी को धमकी भी देते हैं. के जनता दरबार में ये फरियाद लेकर आई जिसके बाद सुशील मोदी ने शेखपुरा एसपी से बात की. उन्होंने सरकार के सुशासन पर भी सवाल खड़े किए.

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