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बिहार: राज्यसभा उपचुनाव में जेडीयू ने मारी बाजी

बिहार में राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार को संपन्न उपचुनाव में जेडीयू के दोनों उम्मीदवार पवन वर्मा और गुलाम रसूल बलियावी विजयी रहे. विधानसभा सचिव हरे राम मुखिया ने संवाददाताओं को बताया कि पवन और बलियावी ने अनिल शर्मा और साबिर अली को पराजित किया है.

बिहार में राज्यसभा की दो सीटों के लिए गुरुवार को संपन्न उपचुनाव में जेडीयू के दोनों उम्मीदवार पवन वर्मा और गुलाम रसूल बलियावी विजयी रहे. विधानसभा सचिव हरे राम मुखिया ने संवाददाताओं को बताया कि पवन और बलियावी ने अनिल शर्मा और साबिर अली को पराजित किया है. उन्होंने बताया कि पवन को 122 मत मिले, जबकि उनके विरोध में खड़े अनिल को 108 मत तथा बलियावी को 123 मत तथा उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे साबिर को 107 मत हासिल हुए.

जेडीयू के कुछ बागी विधायकों के भाजपा के सहयोग से इन दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों को जदयू उम्मीदवारों के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारे जाने से चिंतित पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश ने गत शुक्रवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद, कांग्रेस और भाकपा नेताओं से फोन पर बात करके उनसे जेडीयू प्रत्याशियों का समर्थन करने की अपील की थी. इस उपचुनाव में राजद और कांग्रेस के जदयू उम्मीदवारों का समर्थन किए जाने की घोषणा के बावजूद इन दोनों दलों के साथ सत्तापक्ष के कुछ विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग की.

बिहार में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए उपचुनाव में राजद के 20, कांग्रेस के चार, दो निर्दलीय विधायकों तथा भाकपा के एक और विधानसभा के अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी को छोड़कर 116 विधायकों वाली जदयू के उम्मीदवारों को 143 मत प्राप्त होने चाहिए थे. लेकिन उसके उम्मीदवारों को 122 एवं 123 मत ही प्राप्त हुए. वहीं, दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों अनिल शर्मा और जदयू से निष्कासित साबिर अली के पक्ष में भाजपा के विधायकों सहित जदयू के बागी 17 और 16 विधायकों तथा तीन निर्दलीय विधायकों तथ क्रॉस वोटिंग करते हुए राजद और कांग्रेस के दो-दो विधायकों ने मतदान किया.

बिहार विधासभा के सचिव और इस उपचुनाव के निर्वाचन अधिकारी हरेराम पांडेय ने बताया कि मतदान में वर्तमान में 232 सदस्यीय सदन के कुल 230 विधायकों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया. दो विधायक मतदान में भाग नहीं ले सके. इनमें अमेरिका में होने के कारण भाजपा के रामेश्वर चौरसिया तथा आपराधिक मामलों में फरार राजद के केदार सिंह शामिल हैं. 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा के 11 सीटों के रिक्त होने के कारण वर्तमान में इस सदन में कुल 232 विधायकों में सदन के अध्यक्ष सहित जदयू के 117 विधायक, भाजपा के 84, राजद के 21, कांग्रेस के 4, भाकपा के एक और 5 निर्दलीय विधायक शामिल हैं.

इस अवसर पर उपस्थित जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने अपने पार्टी उम्मीदवारों को बधायी देते हुए उनकी जीत के लिए लालू प्रसाद, कांग्रेस, भाकपा और निर्दलीय विधायकों को धन्यवाद दिया. इस उपचुनाव में जदयू उम्मीदवारों के क्रास वोटिंग किए जाने के बारे में पूछे जाने पर वशिष्ठ ने कहा कि उनकी पार्टी के चुनाव पर्यवेक्षक इस बारे में रिपोर्ट सौंपेंगे जिसके बाद पार्टी के विरुद्ध जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस उपचुनाव में किसी भी दल द्वारा अपने विधायकों को व्हिप जारी नहीं किया था. बिहार में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए हुए उपचुनाव में निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल वर्ष 2016 के जुलाई महीने में पूरा होगा.

इस उपचुनाव में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव नामांकन की वापसी के अंतिम दिन 12 जून को विजयी घोषित कर दिए गए थे. बलियावी ने भाजपा की ओर इशारा करते हुए कहा कि धन के बल पर पटना से दिल्ली तक इस उपचुनाव के जरिए प्रदेश की जीतन राम मांझी सरकार को अस्थिर करने वालों के मनसूबे धराशायी हो गए.

साबिर ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह उन्हें प्रतिदिन फोन करते थे और जदयू उम्मीदवार के खिलाफ खड़ा होने के लिए उकसाते थे. अली ने मतदान में जदयू के 21 विधायकों के उनका साथ देने का दावा करते हुए कहा कि जिन विधायकों ने उनका साथ दिया वे चाहते थे, कि राज्यसभा जाने वाला सदस्य बिहार से हो लेकिन जदयू ने इससे पूर्व पांच तथा आज दो उन लोगों को राज्यसभा भेजने का काम किया है जो कि इस प्रदेश से नहीं हैं. दूसरे हारे हुये निर्दलीय प्रत्याशी अनिल शर्मा ने अपनी हार को लालू प्रसाद की हार तथा नीतीश कुमार की राजनीतिक हार बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि लालू ने उनसे कहा था कि उनके विधायक कभी भी जदयू के पक्ष में वोट नहीं करेंगे.

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