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बिहार में ट्रक मालिकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, नेशनल हाइवे दो पर प्रदर्शन, लगा जाम

दिल्ली से कोलकाता को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर कैमूर जिले के मोहनिया समेकित चेकपोस्ट के पास बिहार ट्रक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सहित दर्जनों ट्रक मालिकों ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम कर दिया है. ट्रक मालिकों ने बिहार सरकार से 20 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन चक्का जाम लगाया है. इससे राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई है.

ट्रक मालिकों ने किया हड़ताल (फोटो-रंजन कुमार त्रिगुन) ट्रक मालिकों ने किया हड़ताल (फोटो-रंजन कुमार त्रिगुन)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 20 सूत्री मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन
  • बिहार सरकार से रियायत देने की मांग
  • राष्ट्रीय राजमार्ग पर 2 पर किया जाम

बिहार में ट्रक मालिक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. बिहार ट्रक एसोसिएशन कैमूर जिले के मोहनिया में सड़क जाम कर अपनी 20 सूत्री मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. ट्रक मालिकों की हड़ताल और विरोध प्रदर्शन के चलते बिहार को यूपी से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी जाम लग गया है. ट्रक मालिक राष्ट्रीय मार्ग पर नारबाजी कर रहे हैं.

दिल्ली से कोलकाता को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर कैमूर जिले के मोहनिया समेकित चेकपोस्ट के पास बिहार ट्रक एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सहित दर्जनों ट्रक मालिकों ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम कर दिया है. ट्रक मालिकों ने बिहार सरकार से 20 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन चक्का जाम लगाया है. इससे राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई है. 

राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर लगा जाम

बता दें कि यह रास्ता बिहार यूपी के साथ-साथ 7 राज्यों को जोड़ता है. मौके पर पहुंची पुलिस मूकदर्शक बनी हुई दिख रही है. एक अच्छी बात ये दिखी कि बिहार ट्रक एसोसिएशन ने चक्का जाम के दौरान छोटे वाहन, बस, एंबुलेंस, दवाई, और सब्जी की गाड़ियों को जाने दिया. हालांकि बड़े वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर फंसे हुए हैं. इस जाम से एनएच 2 पर समेकित चेकपोस्ट मोहनिया से 15 किलोमीटर आगे और 15 किलोमीटर पीछे भारी जाम लग गया है. 

जाम में फंसे एक ट्रक ड्राइवर ने कहा कि मेरी गाड़ी में मक्खन लोड है. इसके लिए एसी चला कर रखना पड़ता है, नहीं तो मक्खन खराब हो जाएगा. जाम में फंसे होने के कारण एसी चलाने में डीजल बर्बाद हो रहा है. अगर जाम के बारे में पहले पता होता तो मैं इस रास्ते से नहीं आता.

वहीं बिहार ट्रक एसोसिएशन के कैमूर जिला अध्यक्ष जयप्रकाश सिंह यादव ने कहा कि हम अपनी 20 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन चक्का जाम किए हैं. कोरोना काल में हम लोग पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं. हम लोग की गाड़ियां किस्ती पर चलती हैं. किस्त चुकाने के लिए पैसे नहीं हैं. पैसे नहीं देने पर फाइनेंसर कभी भी गाड़ियों को उठा ले जाते हैं. सभी राज्यों में नए कर नियमों में छूट दी गई है. लेकिन बिहार में कोई रियायत नहीं दी गई है. बिहार से सटे यूपी में डीजल 9 रुपये लीटर सस्ता है, लेकिन यहां महंगा है. इसी तरह 20 सूत्री मांगों को लेकर हम लोगों ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया है.

क्या है ट्रक मालिकों की मांग

पटना में ट्रक एशोसिएशन के सदस्यों ने घोषणा की थी कि बिहार सरकार अगर हमारी 20 सूत्री मांग नहीं मानेगी तो 14 सितंबर से पूरे राज्य में ट्रक का चक्का जाम कर दिया जाएगा. एशोसिएशन के अध्यक्ष भानुशेखर सिंह ने कहा था कि बिहार सरकार की दमनकारी मोटर व्हीकल्स अधिनियम और अत्यधिक टैक्स के साथ साथ पुलिस की अवैध वसूली और टैक्स माफ नहीं किये जाने के कारण हम लोगों ने यह कठोर निर्णय लिया है. उनका कहना था कि बीजेपी शासित कई राज्यों में रियायत दी गई है लेकिन बिहार में कोई रियायत नहीं मिल रही है. 

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