scorecardresearch
 

'मेरे चारों धाम यहीं...', पटना आकर बोलीं लालू को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी

लालू यादव को किडनी डोनेट करने के बाद पहली बार उनकी बेटी रोहिणी आचार्य पिता का बर्थडे मनाने पटना पहुंची. वहां पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि मेरा चारों धाम यहीं है. कुछ महीनों पहले अपनी किडनी देकर रोहिणी आचार्य ने पिता की जान बचाई थी क्योंकि किडनी खराब होने के बाद लगातार लालू के स्वास्थ्य में गिरावट आ रही थी.

Advertisement
X
लालू यादव का बर्थडे मनाने पटना पहुंची रोहिणी
लालू यादव का बर्थडे मनाने पटना पहुंची रोहिणी

राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव रविवार को अपना 73वां जन्मदिन मनाएंगे. इससे पहले लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य पिता को किडनी देने के बाद पहली बार पटना पहुंची. वो पिता के बर्थडे कार्यक्रम में शामिल होंगी.
 
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के जन्मदिन में शामिल होने के लिए बेटी मीसा भारती और रोहिणी आचार्य शनिवार को पटना पहुंची थी. रोहिणी ने पटना पहुंचने के बाद अपने पिता को लेकर कहा कि मेरा चारों धाम यहीं है. उन्हीं के दर्शन करने आई हूं.

बेटियों के किडनी देने के सवाल पर रोहिणी ने कहा कि बेटों को भी सीखना चाहिए. वहीं राजनीतिक सवाल पूछे जाने पर रोहिणी ने कहा कि विपक्षी एकता में लालू यादव की भूमिका कमजोर नहीं हुई है. 

कौन है रोहिणी आचार्य

रोहिणी आचार्य लालू यादव और राबड़ी देवी के नौ बच्चों में से एक हैं. वह लालू की छोटी बेटी और पेशे से डॉक्टर हैं. उन्होंने साल 2002 में अमेरिका बेस सॉफ्टवेयर इंजीनियर समरेश सिंह से शादी की थी.

वह फिलहाल सिंगापुर में ही रहती हैं. लेकिन सिंगापुर में रहने के बावजूद वह भारत के राजनीतिक मामलों को लेकर सक्रिय हैं और राजनीतिक टिप्पणियां करती रहती हैं. 

'मेरे लिए माता-पिता भगवान हैं'

रोहिणी ने किडनी डोनेट से पहले एक पोस्ट में लिखा था, 'इस दुनिया में मुझे आवाज देने वाले पिता, जो मेरे लिए सब कुछ हैं, अगर मैं अपने जीवन का एक छोटा सा हिस्सा भी योगदान दे सकूं तो मैं बेहद भाग्यशाली महसूस करूंगी. माता और पिता इस धरती पर भगवान हैं और सभी उनकी सेवा करने का कर्तव्य निभाना चाहिए.'

Advertisement

उन्होंने आगे लिखा था, 'मेरे माता-पिता मेरे लिए भगवान हैं. मैं उनके लिए कुछ भी कर सकती हूं. आपकी शुभकामनाओं ने मुझे और मजबूत बनाया है. मैं आप सभी का दिल से आभार व्यक्त करती हूं. मुझे सभी से विशेष प्यार और सम्मान मिल रहा है. मैं भावुक हो गई हूं .मैं आप सभी को दिल से धन्यवाद कहना चाहती हूं.'

रोहिणी ने कहा था कि जिस पिता ने इस दुनिया में मुझे आवाज दी, जो मेरे सब कुछ हैं. उनके लिए अगर मैं अपने जीवन का छोटा सा भी योगदान दे पाती हूं तो मेरा परम सौभाग्य होगा. धरती पर भगवान मां-पिता होते हैं, इनकी पूजा सेवा हर बच्चों का फर्ज है.

लालू नहीं चाहते थे बेटी किडनी डोनेट करे

लालू यादव शुरुआत में नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी रोहिणी उनकी जिंदगी बचाने के लिए उन्हें अपनी किडनी डोनेट करें. लेकिन रोहिणी ने ऐसा करने के लिए उन पर दबाव बनाया. काफी मान-मनौव्वल के बाद लालू इसके लिए तैयार हो गए. 


 

Advertisement
Advertisement