scorecardresearch
 

महागठबंधन से कांग्रेस हारी बिहार, आरोप- सहयोगी दलों ने कार्यकर्ताओं को पूछा तक नहीं

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि हमें मिथिलांचल में सीट मिलनी चाहिए थी. दरभंगा का सीट हमारा जीता हुआ था. अगर कीर्ति आजाद को दरभंगा सीट से लड़ाया जाता तो निश्चित रूप से हमारी जीत होती.

Advertisement
X
राहुल गांधी- तेजस्वी यादव
राहुल गांधी- तेजस्वी यादव

बिहार में कांग्रेस की हार के लिए महागठबंधन को जिम्मेदार बताया जा रहा है. पार्टी ने हार पर मंथन के लिए प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा की अध्यक्षता में पटना में बैठक बुलाई थी. हालांकि, बैठक में कई जिलाध्याक्ष नहीं पहुंचे और कुछ ने बहिष्कार भी किया. बैठक में आए ज्यादातर जिलाध्यक्षों ने माना कि गठबंधन के कारण कांग्रेस को नुकसान पहुंचा.

जिलाध्यक्षों ने हार के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर सवाल उठाया और कहा कि पहले तो राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते महज 9 सीट मिला जो किसी तरह से सम्मानजनक नही हैं. वहीं, दूसरी तरफ सीटों के बंटवारे में भी खेल किया गया, जहां कांग्रेस की स्थिति अच्छी थी और वहां जीत सकते थे, तो उसे महागठबंध में शामिल छोटे दलों को दे दिया गया.

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि हमें मिथिलांचल में सीट मिलनी चाहिए थी. दरभंगा का सीट हमारा जीता हुआ था. अगर कीर्ति आजाद को दरभंगा सीट से लड़ाया जाता तो निश्चित रूप से हमारी जीत होती. बैठक में आरजेडी के साथ गठबंधन को लेकर भी सवाल उठाए गए और कहा गया कि आरजेडी के अंदर की उठापटक और सवर्ण आरक्षण का विरोध उन्हें भारी पड़ा, जिसकी वजह से उनकी हार हुई. कांग्रेस के कई नेताओं ने आरोप लगाया कि सहयोगी दलों ने चुनाव में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पूछा तक नहीं था.

Advertisement

बिहार में कांग्रेस आरजेडी और अन्य छोटे दलों के साथ महागठबंधन बनाकर चुनाव लड़ी थी. कुल 40 सीटों में से 39 सीटें एनडीए को मिलीं, जबकि एक किशनगंज की सीट कांग्रेस ने जीता. महागठबंधन के अन्य दलों को एक भी सीट नहीं मिली. किशनगंज से भी कांग्रेस की जीत काफी कम मार्जिन से हुई, जैसे-तैसे जीत हुई.

कांग्रेस के उन तमाम जिलाध्यक्षों ने बैठक का बहिष्कार किया जहां कांग्रेस की दावेदारी के बावजूद महागठबंध के उम्मीदवार को सीट दी गई, जिसमें पूर्वी चंपारण भी शामिल है. जहां से आरएलसीपी के उम्मीदवार व प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह के बेटे थे.

Advertisement
Advertisement