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बिहार: कोरोना टेस्टिंग घट रही, नए मरीजों का आंकड़ा बढ़ रहा

28 अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल के बीच टेस्टिंग कम होती गई, जबकि हर रोज केस अधिक आ रहे हैं. 1 मई से 3 मई के बीच भी टेस्टिंग का आंकड़ा कम हुआ, लेकिन इस दौरान कम पॉजिटिव केस सामने आए हैं.

कोरोना टेस्ट कराते लोग )फोटो-PTI) कोरोना टेस्ट कराते लोग )फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिहार में 28 से 30 अप्रैल तक बढ़े केस
  • अब कम हो रही है कोरोना टेस्टिंग

बिहार में कोरोना मरीजों का ग्राफ बढ़ रहा है. इस बीच टेस्टिंग को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. 28 अप्रैल से लेकर 30 अप्रैल के बीच टेस्टिंग कम होती गई, जबकि हर रोज केस अधिक आ रहे हैं. 1 मई से 3 मई के बीच भी टेस्टिंग का आंकड़ा कम हुआ, लेकिन इस दौरान कम पॉजिटिव केस सामने आए हैं.

बिहार में कोरोना पॉजिटिव केसेज की संख्या 5 लाख पार हो चुकी है. अब तक राज्य में 509047 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं. इनमें से 398558 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 107667 लोग अभी भी पॉजिटिव हैं. राज्य में अब तक कोरोना से 2821 लोगों की मौत हुई है. बिहार में 3 मई तक रिकवरी रेट 78.29 है, जबकि पॉजिटिविटी रेट 15.70 है.

जानकारी के मुताबिक, पहली लहर में 2 लाख केसेज मिलने में 207 दिन लगे थे, जबकि दूसरी लहर में 18 दिन में ही 2 लाख मरीज मिल गए. हालांकि राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक सरकार हर दिन कोरोना टेस्टिंग की संख्या कम कर रही है और इस दौरान मरीजों का आंकड़े बढ़ रहे हैं.

•28 अप्रैल को 103895 लोगों की जांच हुई और 13374 केस सामने आए.

•29 अप्रैल को 97972 सैंपल लिए गए और 13089 केस सामने आए.

•30 अप्रैल को 98169 लोगों की जांच हुई और 15853 (ये पिछले साल से अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है) केस आए.

•1 मई को 95686 लोगों की टेस्टिंग हुई और 13789 केस सामने आए. 

•2 मई को 89393 सैंपल की जांच हुई और 13534 केस सामने आए.

•3 मई को 72658 लोगों की जांच की गई और 11407 केस सामने आए.

इस बीच बिहार में नीतीश सरकार ने 15 मई तक लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है. कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बाद ये फैसला किया गया है. स्वास्थ्य और मेडिकल सेवाओं को लॉकडाउन से दूर रखा गया है. रेस्टोरेंट, मॉल, सिनेमा हॉल बंद रहेंगे. हालांकि, शादी और अंतिम संस्कार को सशर्त छूट दी गई है.

 

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