बिहार के पटना जिले के बाढ़ स्थित एनटीपीसी के उर्जा संयंत्र से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम और फोटो हटाने को लेकर सियासत तेज हो गई है. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल के शनिवार को बाढ़ एनटीपीसी की चौथी वाणिज्यिक इकाई के 600-600 मेगावाट की दो इकाइयों का उद्घाटन किया. मुझे सत्ता का लोभ नहीं, बोले नीतीश कुमार
कार्यक्रम स्थल पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, रविशंकर प्रसाद, राधामोहन सिंह, राजीव प्रताप रूडी, गिरिराज सिंह, रामकृपाल यादव और अन्य का नाम वर्णित किया गया है, लेकिन बाढ़ से सांसद रहे तथा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम नहीं था.
इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और राज्य के उर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव शामिल हुए.
नीतीश ने ‘संपर्क यात्रा’ के दौरान छपरा में भाजपा पर बाढ़ परियोजना का श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि जिन्होंने इस परियोजना के लिए प्रयास किया उनके नाम नहीं लिखे गये हैं, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर बड़े आकार के पोस्टर में बीजेपी के उन मंत्रियों के नाम का उल्लेख किया गया, जिनका इसमें कोई योगदान नहीं रहा है.
नीतीश कुमार ने कहा, ‘हम तो काम करते हैं और नाम का लोभ नहीं करते हैं.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि बाढ़ एनटीपीसी का शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था और यह उचित होता कि वाजपेयी को सम्मान देते हुए उसका उद्घाटन किया जाता.
बिहार के नगर विकास मंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम स्थल से नीतीश कुमार का नाम हटाने को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया और कहा कि यह बीजेपी की ओछी राजनीति का परिचायक है.
जेडीयू के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि पोस्टर से बीजेपी को कोई लाभ हासिल नहीं होगा, क्योंकि वहां की जनता उस परियोजना को लाने वाले नीतीश कुमार को जानती है.
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने जेडीयू के आरोप को दरकिनार करते हुए कहा कि बाढ एनटीपीसी इकाई का शिलान्यास अटल जी ने किया था जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरा कर रहे हैं.
IANS से इनपुट