
भारत में टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे लोग वेट लॉस दवाइयां का इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि ये दवाइयां मुख्य रूप से डायबिटीज को मैनेज करने के लिए बनाई गई थीं लेकिन इनका उपयोग वजन कम करने के लिए भी होता है. हाल ही में फार्मा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क इंडिया ने अपने 2 सबसे भरोसेमंद और चर्चित इंजेक्शन ओजेंपिक (Ozempic) और वेगोवी (Wegovy) की कीमतों में बड़ी कटौती का ऐलान किया है. 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली इन नई कीमतों के कारण उनकी कीमतों में 36 प्रतिशत से 48 प्रतिशत तक की कमी की गई है. अब मरीज मात्र 202 रुपये प्रतिदिन के खर्च पर अपना इलाज शुरू कर सकेंगे. हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के कभी भी इनका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
कंपनी द्वारा जारी नई रेट लिस्ट के मुताबिक, ओजेम्पिक और वेगोवी के 0.25mg वाले शुरुआती डोज की साप्ताहिक कीमत अब 1415 रुपये होगी जो पहले 2,200 रुपये थी. इसका मतलब है कि एक महीने का खर्च अब लगभग 5660 रुपये (टैक्स सहित) आएगा.
सिर्फ शुरुआती डोज ही नहीं बल्कि अलग-अलग पावर वाले अन्य डोज की कीमतों में भी औसतन 24% से 27% तक की कमी की गई है. उदाहरण के तौर पर, वेगोवी के 1.7mg डोज की साप्ताहिक कीमत 4,100 रुपये से घटकर 3,187.50 रुपये रह गई है.

ओजेम्पिक खास तौर पर टाइप 2 डायबिटीज को मैनेज करने और हार्ट व किडनी से जुड़ी समस्याओं के खतरे को कम करने के लिए जानी जाती है. वहीं, वेगोवी का इस्तेमाल वजन घटाने और मोटापे से जुड़ी दिल की बीमारियों को रोकने में किया जाता है. ये दोनों ही दवाएं दुनिया भर के 75 से अधिक देशों में अप्रूव्ड हैं और इन्हें सख्त क्लीनिकल ट्रायल के बाद तैयार किया गया है. भारत के ड्रग कंट्रोलर (DCGI) ने भी इनके इस्तेमाल को मंजूरी दी है.
नोवो नॉर्डिस्क इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रांत श्रोत्रिय ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य बेहतरीन इलाज को आम लोगों की पहुंच में लाना है. भारत में डायबिटीज और मोटापे का बोझ लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में फीडबैक के आधार पर कीमतों को कम करने का फैसला लिया गया है. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये दोनों ही 'प्रिस्क्रिप्शन' दवाएं हैं, यानी इनका इस्तेमाल केवल डॉक्टर की सलाह और निगरानी में ही किया जाना चाहिए.