Fatty Liver Disease: गलत खानपान, सुस्त लाइफस्टाइलस, नींद की कमी, स्ट्रेस आदि के कारण लोगों के शरीर में चर्बी अधिक जम रही है और इसका सीधा असर उनके लिवर पर हो रहा है. शरीर के अंदरूनी हिस्से में चर्बी जमने के कारण लोगों में फैटी लिवर की समस्या अधिक बढ़ रही है जो एक साइलेंट किलर की तरह बीमारियों को बोझ बढ़ा रही है. हार्वर्ड से ट्रेनिंग ले चुके पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ सेठी के अनुसार, लिवर की सेहत को केवल दवाइयों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता. उन्होंने कुछ ऐसे फूड्स का भी सेवन करना चाहिए जो फैटी लिवर को रिवर्स करने में मदद करते हैं. यदि आप भी थकान और पेट में भारीपन महसूस करते हैं तो ये डाइट टिप्स आपके काम आ सकते हैं और फैटी लिवर में मदद कर सकते हैं.
प्रोसेस्ड फूड और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण लिवर में चर्बी जमा होना अब आम बात है. शुरुआत में लोग इसे मामूली थकान या गैस समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन लंबे समय में यह लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है. डॉ. सेठी का कहना है कि लिवर एक ऐसा अंग है जो खुद को ठीक करने की ताकत रखता है, बशर्ते उसे सही पोषण मिले. अपनी डाइट में कुछ छोटे और स्मार्ट बदलाव करके आप इस समस्या को बढ़ने से रोक सकते हैं और लिवर को फिर से नया जैसा बना सकते हैं.
डॉ. सेठी अपनी डाइट में बादाम, अखरोट और सनफ्लावर सीड्स को शामिल करने की सलाह देते हैं. इनमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स लिवर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं. ये न केवल लिवर हेल्थ सुधारते हैं बल्कि कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल में रखते हैं.
प्रोटीन के लिए पनीर और उबले अंडे बेहतरीन ऑप्शंस हैं. पनीर में मौजूद प्रोटीन शरीर को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं. वहीं अंडों का कोलीन तत्व लिवर फंक्शन के लिए जरूरी है. इसके साथ ही एवोकाडो जैसे फल लिवर को डैमेज से बचाते हैं.
लिवर का सीधा कनेक्शन आपकी गट हेल्थ यानी पेट की सेहत से है. ग्रीक योगर्ट या सादा दही प्रोबायोटिक्स का भंडार है जो लिवर की सूजन घटाता है. इसके अलावा, खीरा और सेलेरी को हुमस के साथ खाना फाइबर का बेहतरीन सोर्स है. सोयाबीन की फली या एडाममे भी लिवर के मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करती है, जिससे चर्बी तेजी से घटती है.
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य जानकारी और एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है. इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह या इलाज का विकल्प न समझें.)