कभी-कभी जाने अनजाने में ही हम अपनी सेहत का काफी नुकसान कर बैठते हैं और इस बात का हमें अंदाजा भी नहीं होता. जब हमें पता चलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. खासकर शराब और सिगरेट जैसे अल्कोहॉलिक चीजों के मामले में. कुछ लोग रोजाना तो शराब नहीं पीते, पर वीकेंड या पार्टियों में शराब पीते हैं. आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि जो लोग कभी-कभी शराब पीते हैं, उनके लिवर पर भी शराब का असर बहुत ज्यादा पड़ता है.
कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर लिवर के एक डॉक्टर (डॉ साइरिएक एबी फिलिप्स) ने 2 इंसान के लिवर की तुलना करते हुए एक पोस्ट शेयर की थी. उसमें एक लिवर वीकेंड पर शराब पीने वाला पति का था और दूसरा उसकी पत्नी का था जो कभी शराब नहीं पीती थी. पति का लिवर काला और धब्बेदार था, तो वहीं, पत्नी का लिवर स्वस्थ और गुलाबी था. तस्वीर में दोनों लिवर के बीच अंतर ने सबको चौंका दिया था. इस तस्वीर को देखने के बाद इंटरनेट पर शराब पीने से होने वाले नुकसान को लेकर बहस शुरू हो गई थी.
डॉ. फिलिप्स ने अपने पोस्ट में लिखा था,'मैं महज 32 साल के इंसान जो वीकेंड पर शराब पीता था और उसकी पत्नी का जो कभी शराब नहीं पीती थी, उसके लिवर के अंदर का भाग दिखाना चाहता था. पत्नी ने पति को लिवर इसलिए दान किया ताकि वह अपनी छोटी बेटी को बड़ा होते देखने के लिए जीवित रह सके.
एक और अन्य डॉक्टर का कहना है कि शराब की थोड़ी सी मात्रा भी लिवर के लिए विष के समान है. शराब का प्रभाव कई अन्य कारणों पर भी निर्भर करता हैं:
1. हम जिस तेजी से शराब पीते हैं, उसका असर ब्लडस्ट्रीम पर पड़ता है. उसी अनुपात में हमारे ब्लड में अल्कोहल की मात्रा होती है. जिसे ब्लड अल्कोहल कंसंट्रेशन (BAC) कहते है.
2. अल्कोहल डिहाइड्रोजनेज (ADH) और एल्डिहाइड डिहाइड्रोजनेज (ALDH2) ये दोनों ही एंजाइम शराब के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करते हैं.
3. इसके अलावा डाइट, उम्र, स्मोकिंग और यहां तक की दिन के समय शराब पीने का असर भी शरीर पर पड़ता है.
लोगों को भले ही लगे कि सिर्फ वीकेंड पर ही तो शराब पी है लेकिन खून के साथ शराब का असर लिवर पर पड़ने लगता है.
तो क्या शराब बिल्कुल भी नहीं पीना चाहिए?
डॉक्टरों का कहना है कि अगर आप चाहते हैं कि आपका लिवर पूरी तरह स्वस्थ हो तो बेहतर होगा कि आप कभी शराब पिए ही नहीं. हालांकि, कभी-कभी इसे लेने का नुकसान हर इंसान पर अलग-अलग हो सकता है. शराब से दूर रहने से कैंसर, दिल की बीमारी और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर सहित कई अन्य बीमारियों से भी बचा जा सकता है.
लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण भाग है. इसे सेल्फ फाइटर भी कहा जाता है. अगर लिवर में कोई परेशानी होती है तो यह खुद ही ठीक कर लेता है. आपको बता दें कि शरीर में लिवर एकमात्र ऐसा अंग है, जिसे ट्रांसप्लांट के लिए डोनेट किया जा सकता है. लिवर को काटकर अगर आप किसी को दान करते हैं तो कुछ ही महीनों के भीतर डोनर और लिवर देन वाले दोनों का लिवर पहले जैसा ही हो जाता है.
अगर आपको अपने लिवर खराब होने का डर है, या फिर शराब पीने की आदतों से परेशान हैं तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.