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फैक्ट चेक: डोनाल्ड ट्रंप को लेकर किए योगी के दावे में कोई 'झूठ' नहीं

द वाशिंगटन पोस्ट ने भी अमेरिकी चुनाव के दौरान ट्रंप पर मोदी के प्रभाव का उल्लेख किया. इस न्यूज वेबसाइट ने एडिसन में एक रैली के दौरान ट्रंप की ओर से मोदी के बारे में बात करने का हवाला दिया. वेबसाइट के मुताबिक ट्रंप ने कहा था, ग्रेट मैन मैं ऐसा करने के लिए उनकी सराहना करता हूं. मैं भी आगे ऐसा करने के लिए देखता हूं कि नौकरशाही को यहां अमेरिका में गंभीर रूप से कतरा जाए. मेरा विश्वास कीजिए, हमें भी इसकी जरूरत है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल, PTI) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल, PTI)

क्या डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव से पहले कहा था कि वो अमेरिका को वैसे ही चलाना चाहते हैं जैसे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने देश को चला रहे हैं. इंटरनेट यूजर्स उस वक्त काफी उलझन में पड़ गए जब फिल्म निर्देशक और मीडिया से लंबे समय तक जुड़े रहे पूर्व संपादक विनोद कापड़ी ने नवभारत टाइम्स के एक लेख को ट्वीट किया और कैप्शन दिया 'खुला है झूठ का बाजार आओ सच बोलें.'

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाल में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर ये दावा किया.

ट्वीट को यहां आर्काइव देखा जा सकता है. कापड़ी की पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं. एक गुट ऐसा था जो योगी के दावे को भरोसे लायक नहीं मान रहा, वहीं दूसरा गुट इसे सच मान रहा था.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि योगी के दावे पर संदेह की कोई गुंजाइश नहीं है. ट्रंप ने वास्तव में 2016 में अमेरिकी चुनाव से पहले कहा था कि वो गवर्नेंस के मुद्दे पर मोदी के कुछ कदमों को अपनाना चाहेंगे.

कापड़ी की पोस्ट को सैकड़ों की संख्या में लोगों ने पसंद किया और रीट्वीट किया.

नवभारत टाइम्स के अलावा न्यूज एजेंसी एएनआई ने भी योगी के बयान वाली स्टोरी को कवर किया. साथ ही शीर्षक दिया- 'ट्रंप ने मोदी के गवर्नेंस को पसंद किया: आदित्यनाथ.' मंगलवार को यूपी के सीएम ने पुरुलिया में एक जनसभा के दौरान ये कहा. यूट्यूब के इस लिंक पर 12.12 मिनट के काउंटर पर योगी के बयान के ठीक उस हिस्से को सुना जा सकता है जहां उन्होंने ट्रंप का जिक्र किया.

हमने 2016 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ट्रंप और मोदी को लेकर प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय मीडिया के लेखों को खंगाला. अक्टूबर 2016 में हफिंगटन पोस्ट ने ये लेख लिखा- 'कैसे पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप को उनके राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान प्रेरित किया?' लेख में ट्रंप के प्रचार कैम्पेन का हवाला दिया गया जिसमें उन्होंने बतौर रिपब्लिकन पार्टी उम्मीदवार  मोदी के 2014 अभियान के एक नारे का इस्तेमाल किया था- 'अब की बार, ट्रंप सरकार.' जाहिर है ट्रंप ने नारे का इस्तेमाल अमेरिका में रहने वाले भारतीयों को लुभाने के लिए किया.

द वाशिंगटन पोस्ट ने भी अमेरिकी चुनाव के दौरान ट्रंप पर मोदी के प्रभाव का उल्लेख किया. इस न्यूज वेबसाइट ने एडिसन में एक रैली के दौरान ट्रंप की ओर से मोदी के बारे में बात करने का हवाला दिया. वेबसाइट के मुताबिक ट्रंप ने कहा, 'ग्रेट मैन! मैं ऐसा करने के लिए उनकी सराहना करता हूं. मैं भी आगे ऐसा करने के लिए देखता हूं कि नौकरशाही को यहां अमेरिका में गंभीर रूप से कतरा जाए. मेरा विश्वास कीजिए, हमें भी इसकी जरूरत है.'

हालांकि कापड़ी की पोस्ट से ये साफ नहीं वो योगी को लेकर लिखे गए आर्टिकल को ट्वीट करते समय क्या कहना चाहते थे, लेकिन ये निश्चित है कि यूपी के मुख्यमंत्री का ट्रंप को लेकर किया गया दावा झूठ नहीं था.

फैक्ट चेक

ट्विटर यूज़र विनोद कापड़ी

दावा

विनोद कापड़ी ने योगी आदित्यनाथ के जनसभा में किए एक दावे को लेकर छपे लेख को ट्वीट में ये कहते हुए सोशल मीडिया पर संदेह व्यक्त किया- “खुला है झूठ का बाजार आओ सच बोलें.” योगी ने जनसभा में बोला था कि डोनल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव से पहले कहा था कि वो गवर्नेंस के मुद्दे पर पीएम मोदी के कुछ कदमों को अपनाना चाहते हैं.

निष्कर्ष

हालांकि कापड़ी की पोस्ट भ्रामक है, योगी ट्रम्प को लेकर किए अपने दावे में सही थे.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
  • कौवे: पूरी तरह गलत
ट्विटर यूज़र विनोद कापड़ी
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