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फैक्ट चेक: संदीप शर्मा नाम का ये संदिग्ध आतंकी 2017 में पकड़ा गया था, पहलगाम हमले से नहीं है कोई लेना-देना

सोशल मीडिया पर एबीपी न्यूज की एक वीडियो रिपोर्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि पहलगाम मामले में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी कर ली है, और जिसे गिरफ्तार किया है वो कोई और नहीं बल्कि संदीप शर्मा नाम का एक ब्राम्हण है. वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है, “ब्रेकिंग न्यूज कश्मीर के पहलगांव पहला ब्राम्हण आतंकवादी #संदीप_शर्मा, चढ़ा पुलिस के हत्थे.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
पहलगाम आतंकी घटना में पुलिस ने संदीप शर्मा नाम के एक ब्राम्हण को गिरफ्तार किया है.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
संदीप शर्मा नाम के इस संदिग्ध आतंकी को कश्मीर पुलिस ने जुलाई 2017 में गिरफ्तार किया था. मामले का पहलगाम हमले से कोई संबंध नहीं है.

सोशल मीडिया पर पहलगाम हमले के बाद जिस बात से लोगों में खासा आक्रोश है वो ये कि आतंकियों ने पर्यटकों का धर्म पूछा और सभी गैर-मुसलमानों को मार डाला.

इस बीच सोशल मीडिया पर एबीपी न्यूज की एक वीडियो रिपोर्ट के जरिए दावा किया जा रहा है कि पहलगाम मामले में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी कर ली है, और जिसे गिरफ्तार किया है वो कोई और नहीं बल्कि संदीप शर्मा नाम का एक ब्राह्मण है. 

 

 

वीडियो में बताया जा रहा है कि संदीप नाम का ये गैर कश्मीरी हिंदू आतंकवादी, आतंकी संगठन लश्कर के लिए काम करता था. खबर के मुताबिक, पुलिस ने संदीप को अनंतनाग से गिरफ्तार किया है. संदीप 2012 से कश्मीर में काम कर रहा था और अपनी पहचान छुपाने के लिए उसने अपना नाम आदिल रख लिया था. 20 साल में पहली बार कोई गैर कश्मीरी आतंक के आरोप में पकड़ा गया है. 

 

वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है, “ब्रेकिंग न्यूज कश्मीर के पहलगांव पहला ब्राम्हण आतंकवादी #संदीप_शर्मा, चढ़ा पुलिस के हत्थे #PahalgamTerroristAttack #ABPNews  #KashmirTerroristAttack #Hindutva”. इस कैप्शन के साथ , और पर कई लोग शेयर कर चुके हैं. 

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आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि संदीप शर्मा नाम के इस संदिग्ध आतंकी को कश्मीर पुलिस ने 2017 में गिरफ्तार किया था. इसलिए इस मामले का पहलगाम हमले से कोई संबंध नहीं है.

कैसे पता की सच्चाई?

कीवर्ड्स की मदद से सर्च करने पर हमें ये वीडियो रिपोर्ट एबीपी न्यूज के यूट्यूब चैनल पर मिली. यहां इसे किया गया था. इतना तो यहीं साफ हो गया कि ये मामला काफी पुराना है.

 

इस मामले पर उस समय तमाम खबरें छपी थीं. के मुताबिक, यूपी के मुजफ्फरनगर का रहने वाला संदीप, आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था. उसने बैंक और एटीएम लूट की वारदातों को भी अंजाम दिया था.

उस समय कश्मीर में एक हमले में एसएचओ सहित छह पुलिसकर्मी मारे गए थे. बताया गया था कि इसकी साजिश में भी संदीप शामिल था. वो 2012 में कश्मीर आया था और वेल्डिंग का काम करता था. इसी दौरान वो लश्कर के आतंकियों के संपर्क में आया. पुलिस ने उसे एक लश्कर आतंकी के ठिकाने से ही गिरफ्तार किया था. 

के मुताबिक, संदीप ने कबूल किया था कि वो काजीगुंड में सेना के काफिले पर हुए हमले में शामिल था. संदीप के हिंदू और गैर कश्मीरी होने की वजह से ये मामला काफी चर्चा में आया था.

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कुछ खबरों में यूपी एटीएस सूत्रों के हवाले से ये भी बताया गया है कि संदीप ने एक कश्मीरी लड़की के प्यार में पड़कर इस्लाम कबूल कर लिया था.  उसने उस लड़की से शादी भी कर ली थी. हालांकि, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस बात से इंकार किया था. 

 बता दें कि पुलिस ने नाम और उनके स्कैच जारी किए हैं. उनके नाम आदिल हुसैन ठोकर, हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान और अली भाई उर्फ तल्हा भाई हैं. इन्हें पकड़ने के लिए लोगों को हिरासत में लिया है. 

कुल मिलाकर ये बात साफ हो जाती है कि लगभग आठ साल पुरानी रिपोर्ट को पहलगाम हमले से जोड़कर भ्रम फैलाया जा रहा है. 

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