क्या हैदराबाद के मदरसों में आतंकवादी बनने की ट्रेनिंग दी जा रही है? इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के साथ कुछ ऐसा ही दावा किया जा रहा है. वीडियो में एक दीवार के सामने मुस्लिम टोपी पहने कुछ लोग खड़े हैं जो दीवार पर कुछ फेंक कर मार रहे हैं. वहीं एक आदमी छाते को राइफल की तरह पकड़कर दीवार की तरफ फायरिंग करने की एक्टिंग करता दिख रहा है.
वीडियो में लिखा है- “हैदराबाद के सभी मदरसों में कैसे आतंकी बनने की तालीम दी जा रही है. अगर मदरसों को बंद नही किया गया तो भविष्य में हालात बहुत खराब होंगे”. वायरल पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो सऊदी अरब के मक्का का है, न कि हैदराबाद का. वीडियो में दिख रहे लोग एक इस्लामिक रिवाज का पालन कर रहे हैं जिसमें दीवार को शैतान का प्रतीक मानकर उसकी तरफ पत्थर फेंके जाते हैं.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
इस वीडियो को एक वेरिफाइड इंस्टाग्राम पेज ने 19 जून को शेयर किया था. पोस्ट में वीडियो के साथ #Jamrah हैशटैग का इस्तेमाल किया गया है. जमराह, मक्का में मौजूद उन तीन दीवारों को कहा जाता है जिन पर पत्थर मारे जाते हैं.
इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर कई लोग इस वीडियो को ‘हज’, ‘मक्का’, ‘जमराह’, और ‘शैतान’ जैसे शब्दों के साथ पोस्ट कर चुके हैं.
इस बारे में सर्च करने पर हमें मक्का में हज यात्रा के दौरान निभाए जाने वाले इस रिवाज से संबंधित कई खबरें मिलीं. मीडिया संस्था ‘अनादोलू एजेंसी’ की खबर में वायरल वीडियो में दिख रही दीवार वाली जगह से मिलती-जुलती एक फोटो का इस्तेमाल किया गया है.

खबर के मुताबिक, इस परंपरा के तहत माना जाता है कि मक्का की इस जगह पर प्रोफेट इब्राहिम ने शैतान को पत्थर मारे थे क्योंकि वो उन्हें अल्लाह का हुक्म मानने से रोक रहा था. ऐसा तीन जगहों पर हुआ था जहां अब तीन दीवारें खड़ी हैं जिन्हें शैतान मानकर पत्थर मारे जाते हैं.
इस रिवाज के बाद जानवरों की बलि दी जाती है जिसके बाद हज यात्रा पूरी हो जाती है. साथ में ईद अल-अजहा भी मनाई जाती है.
न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने हाल ही में इस रिवाज से संबंधित एक वीडियो रिपोर्ट यूट्यूब पर अपलोड किया. इस वीडियो में भी रिवाज वाली वही जगह देखी जा सकती है जो वायरल वीडियो में दिख रही है.
साफ है, ये वीडियो हैदराबाद के मदरसों में आतंकियों की ट्रेनिंग नहीं दिखाता.