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फैक्ट चेक: बच्चों के स्कूल खुलने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नहीं लगाई रोक, भ्रामक है ये पोस्ट

वायरल स्क्रीनशॉट के निचले हिस्से में संक्रमण से 70 बच्चों की मौत की भी बात कही गई है. सोशल मीडिया पर लोग इलाहाबाद हाईकोर्ट का हवाला देते हुए कह रहे हैं कि यूपी में पहली से 12वीं तक के सभी स्कूल फिर से बंद होंगे.

वायरल स्क्रीनशॉट वायरल स्क्रीनशॉट

कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच देश के कई राज्यों में स्कूल खोल दिए गए हैं. उत्तर प्रदेश में भी पहली क्लास से लेकर 12वीं तक के सभी स्कूल खुल गए हैं. इसी को लेकर सोशल मीडिया पर खबर का एक स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है. स्क्रीनशॉट में बड़े-बड़े अक्षरों में ब्रेकिंग न्यूज के साथ लिखा है, "यूपी में 1 से 12 तक विद्यालय होंगे बंद- इलाहाबाद हाइकोर्ट का फैसला".

स्क्रीनशॉट में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर भी लगी है. वायरल स्क्रीनशॉट के निचले हिस्से में संक्रमण से 70 बच्चों की मौत की भी बात कही गई है.

सोशल मीडिया पर लोग इलाहाबाद हाईकोर्ट का हवाला देते हुए कह रहे हैं कि यूपी में पहली से 12वीं तक के सभी स्कूल फिर से बंद होंगे. एक फेसबुक यूजर ने इस स्क्रीनशॉट को पोस्ट किया है और साथ में 19 लोगों को टैग भी किया है. एक और यूजर ने इसी स्क्रीनशॉट के साथ योगी सरकार पर निशाना साथते हुए लिखा, "भाजपा सरकार में 1 से 12 तक स्कूल बंद होगा".

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा भ्रामक है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है. दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट में कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें पहली से 12वीं तक के सभी स्कूलों को बंद रखने की मांग की गई है. उसी को ध्यान में रखते हुए ये खबर वायरल हो रही है. साथ ही वायरल स्क्रीनशॉट भी एक यूट्यूब वीडियो के थंबनेल से लिया गया है.

क्या है सच्चाई

रिवर्स सर्च की मदद से वायरल हो रहा खबर का स्क्रीनशॉट हमें Facts with Amit pathak नाम के एक यूट्यूब चैनल पर मिला, जिसे यूट्यूब वीडियो के थंबनेल के तौर पर उपयोग किया गया है. वीडियो 31 अगस्त 2021 को अपलोड किया गया था. इस वीडियो में कहा गया है कि "इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए योगी सरकार से पहली से 12वीं तक स्कूल बंद करने की मांग की है".

कीवर्ड्स की मदद से हमें Zee SALAAM का एक न्यूज आर्टिकल मिला, जिसे 31 अगस्त 2021 को प्रकाशित किया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है जिसमें कक्षा एक से 12वीं तक के सभी स्कूलों को बंद रखने की मांग की गई है. याचिकाकर्ता ने इसके पीछे का कारण कोरोना की तीसरी बताया है. रिपोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील का नाम गौरव द्विवेदी बताया गया है. याचिका में सत्र 2021-22 की पढ़ाई ऑलनाइन मोड में ही जारी रखने की मांग की गई है.

हमने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील गौरव द्विवेदी से संपर्क किया. गौरव ने सोशल मीडिया पर चल रहे सारे दावों का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने बच्चों में कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में पत्र याचिका दाखिल की है लेकिन अभी उसपर सुनवाई होनी बाकी है. फिलहाल हाईकोर्ट ने उस याचिका पर कोई फैसला नहीं सुनाया है. गौरव ने हमें बताया कि कानून के कुछ छात्रों ने प्रदेश में कोरोना संकट और बिगड़ी व्यवस्था को देखते हुए ये याचिका दायर की है.

वायरल स्क्रीनशॉट के निचले हिस्से में लिखा हुआ है, "संक्रमण से 70बच्चों की मौत". ये सही है कि यूपी में एक 'रहस्यमयी बुखार' से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 50 से अधिक बच्चे भी शामिल हैं.

हमारी पड़ताल में साफ हो जाता है कि पोस्ट के साथ किया गया दावा भ्रामक है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी में 12वीं तक के सभी स्कूलों को बंद करने को लेकर कोई फैसला नहीं सुनाया है.

(सौरभ भटनागर के इनपुट के साथ)

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी में 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद करने का आदेश दिया है.

निष्कर्ष

वायरल स्क्रीनशॉट भ्रामक है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है. हालांकि, कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में ही एक याचिका जरूर दायर हुई है जिसमें स्कूलों को बंद करने की मांग की गई है.

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