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फैक्ट चेक : पुलिस ने की बैरिकेडिंग तो किसानों ने नदी में चलाया ट्रैक्टर? नहीं, ये वीडियो 2 साल पुराना है

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में देखा जा रहा है कि एक ट्रैक्टर से काफी बड़ी ट्रॉली जुड़ी है और वो पानी से गुजरते हुए जा रहा है. इस वीडियो को शेयर करते हुए एक इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा, "साहब धरती का सीना चीर के फसल उगाना जानते हैं ये तो फिर भी नदी है, जय जवान जय किसान."

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
13 फरवरी से शरू हुए किसान आंदोलन के दौरान पुलिस ने सड़क पर बैरिकेडिंग की तो किसानों ने ट्रैक्टर से नदी पार कर ली.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये वीडियो हालिया किसान आंदोलन का नहीं बल्कि अप्रैल 2022 के बैसाखी मेले का है. ये तालाब पंजाब के कीरतपुर साहिब में है.

13 फरवरी को देश के अलग-अलग राज्यों के किसानों ने 'दिल्ली चलो' का आह्वान किया. लेकिन उन्हें पुलिस-प्रशासन ने दिल्ली के बॉर्डर पर ही रोक दिया.

किसान आंदोलन की इस आपाधापी के सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कुछ लोग कह रहे हैं कि किसानों ने पुलिस की बैरिकेडिंग के जवाब में अपने ट्रैक्टरों से ही एक नदी को पार कर लिया.

वीडियो में दिखता है कि एक ट्रैक्टर से काफी बड़ी ट्रॉली जुड़ी है और वो पानी से गुजरकर आगे बढ़ रहा है. इस वीडियो को शेयर करते हुए एक इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा, "साहब धरती का सीना चीर के फसल उगाना जानते हैं ये तो फिर भी नदी है, जय जवान जय किसान."

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा.

ऐसा कहा जा रहा है कि ये वीडियो हरियाणा-दिल्ली के शम्भू बॉर्डर का है, जहां किसानों ने ट्रैक्टर से घग्गर नदी को पार कर लिया.

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आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो किसान आंदोलन का नहीं बल्कि 2022 के बैसाखी मेले का है. इसमें दिख रहा तालाब पंजाब के कीरतपुर साहिब में है.

कैसे पता चली सच्चाई?

बहुत ढूंढने पर भी हमें मौजूदा आंदोलन के दौरान किसानों के नदी पार करने की कोई खबर नहीं दिखी. रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें पता लगा कि ये वीडियो 17 जनवरी, 2024 को यूट्यूब पर पोस्ट किया गया था. इतनी बात तो यहीं पर साबित हो जाती है कि ये वीडियो अभी चल रहे किसान आंदोलन का नहीं है.

किसान आंदोलन


वीडियो में दिख रहे ट्रैक्टर पर दो चीजें लिखी हैं- "PAW" और "Cheema Agri Farm". गूगल सर्च से पता चला कि PAW- "प्लाहा एग्री इंडस्ट्रीज" नाम की एक कंपनी है जो ट्रैक्टर की ट्रॉली बनाती है.

PAW कंपनी के इंस्टाग्राम एकाउंट पर कई तरह के ट्रैक्टरों-ट्रॉलियों की तस्वीरें और वीडियो हैं, जिन पर "सिद्धू एग्री फार्म", तुर्का एग्री फार्म" जैसे नाम लिखे हैं. ये ट्रॉली हमें वैसी ही लगी जैसी वायरल वीडियो में नजर आती है.

किसान आंदोलन


इस अकाउंट को देख कर ऐसा लगता है कि इसे फॉलो करने वाले ज्यादातर लोग पंजाब-हरियाणा के किसान ही हैं.

हमने 'प्लाहा एग्री इंडस्ट्रीज' की फॉलोवर लिस्ट देखी. काफी खोजबीन करने के बाद हमें पता चला कि '@sarpreet008' नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 25 मई, 2022 को वायरल वीडियो पोस्ट किया गया था. ये अकाउंट सरप्रीत नामक व्यक्ति का है.

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इतना ही नहीं, इसी एकाउंट पर हमें 5 मई,2022 को पोस्ट किया गया एक वीडियो दिखा जिसमें वायरल वीडियो वाला ट्रैक्टर पानी से बाहर निकलता दिखता है. इस ट्रॉली पर भी 'चीमा एग्री फार्म' लिखा हुआ है.

हमने देखा कि सरप्रीत के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मौजूद ट्रैक्टर वाले ज्यादातर वीडियोज में एक शख्स को टैग किया गया है जिनका नाम तल्जिन्दर सिंह चीमा है. यहां एक अहम बात ये है कि वायरल वीडियो वाली ट्रॉली पर भी ‘चीमा एग्री फार्म’ लिखा है. तलजिन्दर सिंह चीमा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल वीडियो 8 दिसंबर, 2023 को पोस्ट किया  था.

हमें तल्जिन्दर एक पोस्ट पर किए गए कमेंट से उनका फोन नम्बर मिला. उन्होंने आजतक को बताया कि ये वीडियो 2022 का है. उन्होंने पंजाब के आनंदपुर साहिब में 2022 के बैसाखी मेले के दौरान अपने मोबाइल से इसे रिकॉर्ड किया था. वीडियो में दिख रही जगह असल में कीरतपुर साहिब में स्थित एक तालाब है. यहां अक्सर ट्रैक्टर वाले आकर पानी में ट्रैक्टर चलाते हैं जिससे वो साफ हो जाता है.

तल्जिन्दर ने बताया कि उन्हें मालूम है कि उनका रिकॉर्ड किया वीडियो किसान आंदोलन के दौरान खूब शेयर किया जा रहा है. उन्होंने अपने एकाउंट पर अखिलेश यादव के एक्स पोस्ट की स्क्रीन रिकॉर्डिंग भी पोस्ट की है.

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साफ है कि नदी में ट्रैक्टर चलाते लोगों का वीडियो मौजूदा किसान आंदोलन का नहीं, बल्कि 2 साल पहले हुए बैसाखी मेले का है.

(रिपोर्ट- सत्यम तिवारी)

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