क्या पीएम मोदी ने “हिंदुत्व” को चुनावी ताश का पत्ता बताया? सोशल मीडिया पर मोदी के एक पुराने इंटरव्यू के वीडियो के जरिए कुछ ऐसा ही दावा किया जा रहा है. वीडियो में मोदी कह रहे हैं कि “हिंदुत्व भारतीय जनता पार्टी का कभी चुनावी नारा नहीं रहा है. हिंदुत्व हमारे लिए आर्टिकल ऑफ फेथ (धर्मसिद्धान्त) है. ये चुनावी खेल खेलने के लिए ताश का पत्ता है”.

“हिंदूओं के हित” के लिए मानी जाती हिंदुत्व विचारधारा को अक्सर बीजेपी से जोड़कर देखा जाता है. लेकिन अब इसी संदर्भ में एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है.
वीडियो को शेयर करते हुए लोग कैप्शन में लिख रहे हैं, “हिंदुत्व हमारे लिए एक Article Of Faith का विषय है, ये चुनाव जीतने के लिए एक ताश का पत्ता है, माननीय मोदी जी अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए.” इस कैप्शन के साथ वीडियो को फेसबुक और ट्विटर पर सैकड़ों लोग शेयर कर चुके हैं. वायरल पोस्ट का आर्कइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो एडिटेड है. असलियत में मोदी ने कहा था कि हिंदुत्व चुनावी खेल खेलने के लिए ताश का पत्ता नहीं है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
कुछ कीवर्ड की मदद से सर्च करने पर पता चला कि पीएम मोदी के इस इंटरव्यू के वीडियो को “जी न्यूज” ने 17 सितंबर 2022 को अपलोड किया था. इसी दिन प्रधानमंत्री का 72वां जन्मदिवस था.
यूट्यूब पर मौजूद इस वीडियो में पीएम मोदी के दो अलग-अलग इंटरव्यू दिखाए गए हैं. दोनों इंटरव्यू को “जी न्यूज” ने 24 साल पुराना बताया था. वायरल वीडियो वाला हिस्सा दूसरे इंटरव्यू में है जिसे 6 दिसंबर 1998 को लिया गया था.
वीडियो में 10 मिनट के बाद मोदी से सवाल पूछा जाता है कि "हिंदुत्व के नारे की मदद से बीजेपी 1984 में दो सीटों से बढ़कर 1998 में सरकार बनाने की स्थिति में आ गई. लेकिन अब यह नारा भी फेल हो गया और इस चुनाव में बीजेपी ने सरस्वती वंदना और वंदे मातरम का सहारा लिया. लेकिन लोग समझ गए कि आपकी पार्टी ऐसे मुद्दों को सिर्फ चुनाव जीतने के लिए उठाती है.”
इसपर मोदी जवाब देते हैं, “हिंदुत्व भारतीय जनता पार्टी का कभी चुनावी नारा नहीं रहा है. हिंदुत्व हमारे लिए आर्टिकल ऑफ फेथ (धर्मसिद्धान्त) है. ये चुनावी खेल खेलने के लिए ताश का पत्ता नहीं है.”
मूल वीडियो से ये साफ हो जाता है कि “नहीं” शब्द को एडिट करके काट दिया गया है, जिससे ऐसा लगे कि मोदी ने हिंदुत्व को ताश का पत्ता बताया. वायरल वीडियो का खंडन राजस्थान बीजेपी के आईटी सेल के संयोजक दिलीप सिंह राव ने भी किया है.