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फैक्ट चेक: आग की चपेट में आए ये लोग न तो मोदी का पुतला जला रहे थे, न ये वीडियो कर्नाटक का है

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि कर्नाटक में कुछ लोग पीएम मोदी का पुतला चला रहे थे जो आग की चपेट में आ गए. जब हमने इस वायरल वीडियो की पड़ताल की तो हकीकत कुछ और निकली.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के कुछ लोगों ने पीएम मोदी का पुतला जलाने की कोशिश की, लेकिन वो खुद आग की चपेट में आ गए.
Social media users
सच्चाई
वीडियो साल 2012 का है और केरल के पतनमतिट्टा का है. ये लोग केरल छात्र संघ के कार्यकर्ता थे और एमजी यूनिवर्सिटी के कुलपति का विरोध करते हुए उनका पुतला फूंक रहे थे.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा जा रहा है कि कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी के कुछ लोगों ने पीएम मोदी का पुतला जलाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान उनकी लुंगी में आग लग गई.

वायरल हो रहे वीडियो में दिखता है कि सफेद लुंगी पहने कुछ लोग बीच बाजार में एक पुतला लेकर आते हैं और उसे जमीन पर पटक कर उसे लात मारने लगते हैं. इसके बाद ये लोग कोई ज्वलनशीन पदार्थ डालकर पुतले में आग लगा देते हैं. लेकिन इसके साथ ही पुतले को घेरकर खड़े लोग खुद आग की चपेट में आ जाते हैं और इधर-उधर भागने लगते हैं.

वीडियो को शेयर करने वाले लोग कैप्शन में लिख रहे हैं, “कर्नाटक में मोदी का पुतला जलाते समय पाँच काग्रेसियों की लुंगी में आग लग गई! देखें कैसे हुआ यह सब। अब मोदीजी के पुतले भी सबक सिखाने लग गये मोदी जी पॉवर”. इस दावे के साथ ये वीडियो फेसबुक और ‘एक्स’ पर सैकड़ों लोग शेयर कर चुके हैं. वायरल पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां  देखा जा सकता है. 

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आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो साल 2012 का है और केरल का है, न कि कर्नाटक का. ये लोग केरल छात्र संघ के कार्यकर्ता थे और एक यूनिवर्सिटी के कुलपति का पुतला फूंक रहे थे.

कैसे की पड़ताल?

कुछ कीवर्ड्स की मदद से सर्च करने पर हमें ये वीडियो 1 सितंबर 2012 के एक फेसबुक पोस्ट में मिला. यहां इस वीडियो को केरल का बताया गया है.

थोड़ा और सर्च करने पर हमें मीडिया संस्था “एशियानेट न्यूज” की यूट्यूब पर एक वीडियो रिपोर्ट  मिली, जिसमें वायरल वीडियो के बारे में बताया गया है. 5 जुलाई 2012 की इस रिपोर्ट के अनुसार, ये घटना केरल के पतनमतिट्टा जिले में हुई थी. 

रिपोर्ट के मुताबिक केरल छात्र संघ के कार्यकर्ता एमजी यूनिवर्सिटी के कुलपति के विरोध में उनका पुतला जला रहे थे. लेकिन इस बीच वो खुद भी आग की चपेट में आ गए थे. एशियानेट न्यूज के वीडियो में ‘KSU’ के नीले झंडे भी नजर आ रहे हैं.

घटना को लेकर उस समय “द टाइम्स ऑफ इंडिया” ने एक खबर  भी प्रकाशित की थी. इसमें बताया गया है कि ये छात्र कथित तौर पर एमजी यूनिवर्सिटी के कुलपति द्वारा किए गए भ्रष्टाचार का विरोध कर रहे थे. आग की चपेट में आने से कुछ प्रदर्शनकारी घायल भी हुए थे और इन्हें अस्पातल में भर्ती कराया गया था.यहां स्पष्ट हो जाता है कि लगभग 12 साल पुराने केरल के वीडियो को कर्नाटक का बताकर फर्जी दावे के साथ शेयर किया जा रहा है.

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