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फैक्ट चेक: भारत में मुस्लिम आबादी में बढ़ोतरी को लेकर वायरल हो रही ये पोस्ट भ्रामक है

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम(AFWA) ने पाया कि वायरल पोस्ट में किया जा रहा दावा भ्रामक है. पोस्ट में जिस मुस्लिम व्यक्ति की परिवार के साथ तस्वीर दिखाई गई है वो पाकिस्तान की है, न की भारत की.

फैक्ट चेक फैक्ट चेक

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जमकर वायरल हो रही है, जिसके जरिए यूजर्स भारत में जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग उठाने लगे हैं. पोस्ट में अप्रत्यक्ष रूप से ये बताने की कोशिश की गई है कि कुछ साल बाद भारत में मुस्लिमों की जनसंख्या हिन्दुओं से ज्यादा हो जाएगी और वो ज्यादा ताकतवर हो जाएंगे.  

पोस्ट में एक तस्वीर है जिसमें एक बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति बहुत सारे बच्चों से घिरा हुआ नजर आ रहा है. इसकी तुलना एक छोटे परिवार से की गई है. कहा ये जा रहा है कि 18 सालों बाद अपनी आबादी की दम पर मुस्लिम देश पर हावी हो जाएंगे.

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम(AFWA) ने पाया कि वायरल पोस्ट में किया जा रहा दावा भ्रामक है. पोस्ट में जिस मुस्लिम व्यक्ति की परिवार के साथ तस्वीर दिखाई गई है वो पाकिस्तान की है, न की भारत की.

इसके साथ ही, सरकारी आकड़ो से ये पता चलता है कि मुसलमानों की जनसंख्या 18 सालों में हिन्दुओं से ज्यादा हो जाने की बात में भी कोई दम नहीं.  

इस पोस्ट के कैप्शन में लोग लिख रहे हैं "जनसंख्या नियंत्रण कानून बनना अत्यंत आवश्यक क्यों, हर हिन्दू को सोचना होगा, सरकार पर जमकर दवाब बनाना होगा, वरना...?". वायरल पोस्ट को अभी तक ढाई हजार से भी ज्यादा शेयर मिल चुके हैं. फेसबुक और ट्विटर पर और भी कई यूजर्स ने इस पोस्ट को साझा किया है. पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.

कैसे पता की सच्चाई?

मुस्लिम परिवार वाली तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें कुछ खबरें मिली. 2014 में प्रकाशित हुई "The Straits Times" की रिपोर्ट के अनुसार तस्वीर में दिख रहे बुजुर्ग व्यक्ति का नाम गुलजार खान है जिसके 36 बच्चे हैं. गुलजार पाकिस्तान के उत्तर वजीरिस्तान में रहते थे लेकिन 2014 में सेना की कार्रवाई के चलते उन्हें अपने 100 लोगों के परिवार के साथ भागना पड़ा. गुलजार ने तीन शादियां की थीं और चौथी करने वाले थे. गुलजार और उनके बड़े परिवार को लेकर "गल्फ न्यूज" ने भी एक खबर छापी थी.    

इससे ये बात तो साफ हो जाती है कि जिस तस्वीर के जरिए पोस्ट में मुस्लिम आबादी बढ़ने की बात कही गई है वो भारत की है ही नहीं. लेकिन क्या सचमुच भारत में मुस्लिमों की आबादी इस रफ्तार से बढ़ रही है कि वो कुछ साल बाद हिन्दुओं की जनसंख्या को पीछे छोड़ देगी? आकड़ो की मानें तो ये दावा भी सही साबित नहीं होता.

 
इंडिया टुडे की डेटा इंटेलीजेंस यूनिट (DIU) ने 2019 में भारत में मुस्लिम आबादी को लेकर एक खबर की थी. इस रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 सालों में नई पीढ़ी के मुस्लिमों की फैमिली प्लानिंग में सुधार आया है. 1992-93 में हुए हेल्थ सर्वे में मुस्लिम महिलाओं की टोटल फर्टिलिटी रेट (कुल प्रजनन दर) 4.4 थी, जो 2015-16 के सर्वे में घटकर 2.6 हो गई. हालांकि ये दर हिन्दू महिलाओं के मुकाबले ज्यादा ही है, लेकिन पिछले दो दशकों में हिन्दू और मुस्लिम महिलाओं की कुल प्रजनन दर के बीच अंतर भी कम हुआ है. 1992-93 में हिन्दू और मुस्लिम महिलाओं में कुल प्रजनन दर का अंतर 1.1 था जो 2015-16 में घटकर 0.5 रह गया. सिर्फ मुस्लिम ही नहीं, भारत में हर समुदाय में कुल प्रजनन दर कम हुई है.

अमेरिकी संस्था "पापुलेशन रेफरेंस ब्यूरो" ने भी अपनी 2009 की एक रिपोर्ट में ये बात कही थी कि भारत में मुस्लिमों की कुल प्रजनन दर में गिरावट हो रही है.  

इसके अलावा, 2011 की जनगणना में भी ये बात सामने आई थी कि मुस्लिम परिवारों का औसत आकार पहले के मुकाबले कम हुआ है. "हिन्दुतान टाइम्स" की खबर के मुताबिक, ये औसत 2001 में 5.61 था जो 2011 में 5.15 पर आ गया. ये हिन्दू परिवार के औसत आकार से सिर्फ 0.8 ज्यादा था. 2018 में 'मिंट' ने भी अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि अगर भारत में मुस्लिम आबादी अपनी पीक पर भी पहुंच जाती है फिर भी हर पांच भारतीयों में चार हिन्दू ही होंगे.  

यहां हमारी पड़ताल में इस बात की पुष्टि हो जाती है कि वायरल पोस्ट के जरिये भ्रम फैलाया जा रहा है. न ही मुस्लिम परिवार की तस्वीर भारत की है और न ही भारत में मुस्लिम आबादी वाला दावा आकड़ों पर खरा उतरता है.

हालांकि, भारत में भी मिजोरम में जिओना चाना नाम के एक व्यक्ति थे जिनकी 38 बीवियां और 89 बच्चे हैं. चाना को दुनिया के सबसे बड़े परिवार का मुखिया माना जाता था. 76 साल के चाना का निधन रविवार को ही हुआ है.

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दावा

बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति और उसके बच्चों को दिखाती ये तस्वीर भारत की है. 18 साल बाद भारत में मुस्लिमों की जनसंख्या हिन्दुओं से ज्यादा हो जाएगी और वो ज्यादा ताकतवर हो जाएंगे.

निष्कर्ष

पोस्ट में जिस मुस्लिम व्यक्ति की परिवार के साथ तस्वीर दिखाई गई है वो पाकिस्तान की है, न की भारत की. मुसलमानों की जनसंख्या 18 सालों में हिन्दुओं से ज्यादा हो जाने की बात में भी कोई दम नहीं.

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