
देर रात घर लौटते वक्त कैब या ऑटो न मिलने की समस्या का सामना ज्यादातर महिलाएं कभी न कभी करती ही हैं. और अगर वो किसी सुनसान जगह में अकेली फंस जाएं, तो स्थिति वाकई डराने वाली होती है.
लेकिन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक मैसेज में कहा जा रहा है कि ऐसी स्थिति में फंसने पर महिलाएं पुलिस के एक हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके तुरंत 'पिक एंड ड्रॉप' की सुविधा पा सकती हैं. और वो भी बिल्कुल मुफ्त में.
इस वायरल मैसेज में लिखा है, “पुलिस ने एक मुफ्त यात्रा योजना शुरू की है, जहां कोई भी महिला जो अकेली है और उसे रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच घर जाने के लिए वाहन नहीं मिल रहा है, वह पुलिस हेल्पलाइन नंबर (1091 और 7837018555) पर संपर्क कर सकती है और वाहन का अनुरोध कर सकती है. वे 24x7 घंटे काम करेंगे. नियंत्रण कक्ष वाहन या निकटतम पीसीआर वाहन/एसएचओ वाहन उसे सुरक्षित रूप से उसके गंतव्य तक ले जाएगा. यह नि:शुल्क किया जाएगा. इस संदेश को अपने जानने वाले सभी लोगों तक फैलाएं. अपनी पत्नी, बेटियों, बहनों, माताओं, दोस्तों और उन सभी महिलाओं को नंबर भेजें जिन्हें आप जानते हैं.. उन्हें इसे सेव करने के लिए कहें.. सभी पुरुष कृपया उन सभी महिलाओं के साथ साझा करें जिन्हें आप जानते हैं… आपातकालीन स्थिति में महिलाएं खाली संदेश या मिस्ड कॉल दे सकती हैं.. ताकि पुलिस आपकी लोकेशन ढूंढ सके और आपकी मदद कर सके पूरे भारत में लागू.”

पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक ने पाया कि वायरल हो रहा हेल्पलाइन नंबर 7837018555 सिर्फ पंजाब के लुधियाना में लागू है, न कि देश भर में. हालांकि, ये बात सच है कि इस पर कॉल करने से लुधियाना में महिलाएं रात में कहीं फंसने पर, घर पहुंचने के लिए पुलिस की मदद ले सकती हैं.
वहीं, 1091, राष्ट्रीय महिला आयोग के तहत आने वाले केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड की हेल्पलाइन है. इसके जरिये मुसीबत में फंसी महिलाओं को रात में 'पिक एंड ड्रॉप' की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है.
7837018555 नंबर की क्या कहानी है?
कीवर्ड्स के जरिये सर्च करने पर हमें "द हिन्दुस्तान टाइम्स" की 1 दिसंबर, 2019 की रिपोर्ट मिली. इसके मुताबिक, हैदराबाद में एक डॉक्टर का गैंगरेप और हत्या की घटना के बाद लुधियाना में ये हेल्पलाइन शुरू की गई थी. इसमें लिखा है कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच अगर कोई महिला बाहर हो और उसे कोई वाहन न मिल रहा हो, तो वो 112, 1091 या 7837018555 नंबर पर कॉल करके मदद मांग सकती है. ऐसा करने से उसे बिना कोई शुल्क लिए पीसीआर ( पुलिस कंट्रोल रूम ) वैन या एचएचओ ( स्टेशन हाउस ऑफिसर ) की गाड़ी से घर पहुंचाया जाएगा.
हमने ये वायरल मैसेज लुधियाना पुलिस में इस हेल्पलाइन का काम संभालने वाली एक महिला पुलिस अधिकारी को भेजा. उन्होंने हमें बताया कि 7837018555 नंबर लुधियाना पुलिस ने साल 2019 में शुरू किया था और वर्तमान में भी ये चालू है.
रात के वक्त वाहन न मिलने पर अगर कोई महिला असुरक्षित महसूस कर रही है तो वो इस नंबर पर कॉल कर सकती है. उसकी मदद की जाएगी. हालांकि ये किसी राष्ट्रीय स्तर की हेल्पलाइन का नंबर नहीं है. इसके जरिये सिर्फ लुधियाना की महिलाओं की मदद हो सकती है. हालांकि, जब हमने ये नंबर मिलाया, तो ये किसी ने नहीं उठाया.
1091 हेल्पलाइन को कौन चलाता है?
1091 राष्ट्रीय महिला आयोग के तहत आने वाले केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड की राष्ट्रीय स्तर की हेल्पलाइन है. मुसीबत में फंसी कोई भी महिला इस नंबर के जरिये मदद मांग सकती है.
हमने इस नंबर पर कॉल किया तो दिल्ली की एक महिला पुलिसकर्मी ने फोन उठाया. उन्होंने हमें बताया कि अगर किसी महिला को रात में कोई वाहन नहीं मिल रहा है और वो असुरक्षित महसूस कर रही है, तो वो इस नंबर के जरिये मदद मांग सकती है.
हालांकि, हम इस बात की पक्के तौर पर पुष्टि नहीं कर सकते कि इस नंबर के जरिये देश के हर राज्य में मुसीबत में फंसी महिलाओं को रात के वक्त घर छोड़ने की सुविधा मिलती है या नहीं.
रात के वक्त मुसीबत में फंसी महिलाओं को घर पहुंचाने के लिए हैं और भी कई हेल्पलाइन
रात के वक्त महिलाओं को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने के लिए और भी कई राज्यों में हेल्पलाइन चल रही हैं. उदाहरण के तौर पर, उत्तर प्रदेश में ऐसी परिस्थिति में महिलाएं 112 पर कॉल कर सकती हैं.
इसी तरह, नागपुर पुलिस ने भी साल 2019 में ऐसी हेल्पलाइन शुरू की थी जिसके जरिये महिलाओं को रात में उनके घर सुरक्षित पहुंचाने का प्रावधान था. आजतक के नागपुर संवाददाता योगेश पाण्डेय ने बताया कि अभी भी ये सुविधा चालू है.
कई राज्यों की पुलिस ने इस मैसेज को बताया है फर्जी
जहां कई राज्यों में महिलाओं को रात के वक्त घर पहुंचाने का सुविधा है, वहीं कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां की पुलिस ने वायरल मैसेज को भ्रामक बताया है. मिसाल के तौर पर, कर्नाटक पुलिस ने इस मैसेज को फर्जी बताते हुए लिखा कि किसी आपातकालीन स्थिति में फंसने पर 112 नंबर डायल करें.
इसी तरह, हैदराबाद सिटी पुलिस ने भी इस संदेश को गलत बताया. कोलकाता पुलिस ने भी साल 2019 में इस मैसेज का खंडन किया था.
खाली मैसेज और मिस्ड कॉल से नहीं होगी मदद
वायरल मैसेज में ये भी लिखा है कि आपातकालीन स्थिति में महिलाएं 7837018555 और 1091 नंबरों पर खाली संदेश भेज सकती हैं, या मिस्ड कॉल दे सकती हैं. लेकिन इनका काम संभालने वाले दो पुलिस अधिकारियों ने हमें बताया कि ये बात गलत है. महिलाओं को मदद के लिए कॉल ही करना होगा, तभी उनकी मदद हो पाएगी.

112 हेल्पलाइन भी है एक विकल्प
देश के कई राज्यों में 112 हेल्पलाइन के जरिये भी महिलाएं रात के वक्त मदद मांग सकती हैं. 'न्यूज 18' की 25 अगस्त की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये हेल्पलाइन शुरू होने से लेकर अब तक छत्तीसगढ़ के 11 जिलों की 1781 लड़कियां और महिलाएं इसका फायदा उठा चुकी हैं.
साफ है, 7837018555 हेल्पलाइन नंबर रात के वक्त महिलाओं को घर पहुंचने में उनकी मदद तो करता है, लेकिन ये सिर्फ लुधियाना में लागू है. हालांकि देश के कई राज्यों में इस तरह की दूसरी हेल्पलाइन चल रही हैं.