
क्या फाइजर कंपनी ने चीन में बनी कोई ऐसी वैक्सीन लॉन्च की है, जिसे ई-सिगरेट के जरिये भाप के रूप में लिया जा सकता है? सोशल मीडिया पर बहुत सारे लोग ऐसा दावा कर रहे हैं. ऐसा कहने वाले लोग एक फोटो भी शेयर कर रहे हैं, जिसमें एक व्यक्ति अपने हाथ में ‘फाइजर’, ‘कोरोना वायरस वैक्सीन’ और और ‘मेड इन चाइना’ लिखा हुआ एक पारदर्शी पैकेट पकड़े है, जिसके अंदर ई-सिगरेट में इस्तेमाल होने वाला वेपराइजर कार्टिज नजर आ रहा है.
वैक्सीन के इस रूप को देखकर कोई हैरान है, कोई खुश है तो कोई ये कहकर नाराजगी जता रहा है कि चीन, जिसके वुहान शहर में कोरोना संक्रमण के मामले सबसे पहले सामने आए, वहां बनी वैक्सीन वो नहीं लगवाएगा.
एक यूजर ने इस फोटो को शेयर करते हुए कैप्शन लिखा, “फाइजर कंपनी की मेड इन चाइना वैक्सीन”

इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
एक अन्य यूजर ने वायरल फोटो के साथ कैप्शन लिखा, “मैं शर्त लगा सकता हूं कि अगर वैक्सीन इस रूप में आई, तो आप सभी हर हाल में वैक्सीन लगवाएंगे.”
इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है. खबर लिखे जाने तक इस पोस्ट को तकरीबन 32 हजार लोग शेयर कर चुके थे.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि सोशल मीडिया पर फाइजर कंपनी की वैक्सीन के नाम पर जो फोटो शेयर हो रही है, वो किसी एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से बनाई गई है. फाइजर की कोरोना वैक्सीन सिर्फ इंजेक्शन के रूप में उपलब्ध है और इसके चीन में बने होने की बात एकदम गलत है.
वायरल फोटो को शेयर करते हुए एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “मैं किसी सूरत में ये मेड इन चाइना वैक्सीन नहीं लगवा सकती.”
एक फेसबुक यूजर ने वायरल फोटो को शेयर किया, जिस पर लिखा है, “दर्शन कर लो मित्रों, कोरोना वैक्सीन, नए साल का तोहफा”
क्या है सच्चाई
फाइजर कंपनी की वेबसाइट पर इसके प्रोडक्ट्स की एक लिस्ट दी गई है, जिसमें इस कंपनी की कोरोना वैक्सीन भी शामिल है. ये वैक्सीन कंपनी ने बायोएनटेक कंपनी के साथ साझेदारी में बनाई है और इसका तकनीकी नाम ‘PF-07302048 (BNT162)’ है.
हमें फाइजर कंपनी की वेबसाइट पर ऐसी किसी कोरोना वैक्सीन का ब्यौरा नहीं मिला, जिसे ई-सिगरेट की मदद से भाप के रूप में दिया जाता हो.
यूएस के शीर्ष स्वास्थ्य संस्थान सीडीसी यानी ‘सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन’ की वेबसाइट पर साफ लिखा है कि फाइजर कंपनी की वैक्सीन बांह के ऊपरी हिस्से में इंजेक्शन के जरिये दी जाती है. 21 दिनों के अंतराल में इस वैक्सीन के दो इंजेक्शन लगते हैं.
यूएस, बेल्जियम और जर्मनी में बनी है ये वैक्सीन
फाइजर कंपनी की कोरोना वैक्सीन के नाम पर जो फोटो वायरल हो रही है, उसमें ‘मेड इन चाइना’ लिखा है, जबकि इस कंपनी की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार इस वैक्सीन का निर्माण यूएस, बेल्जियम और जर्मनी में हुआ है.
इसके अलावा, तस्वीर में जहां फाइजर लिखा है उसके ठीक नीचे "makers of the boner pill" लिखा दिख रहा है. फाइजर यौन उत्तेजना बढ़ाने वाली दवा वियाग्रा बनाती है, लेकिन अपने किसी भी प्रोडक्ट पर ऐसा कुछ नहीं लिखती.
क्या कहते हैं फाइजर के अधिकारी
‘रॉयटर्स’ से बात करते हुए फाइजर कंपनी ने ये स्पष्ट किया है कि फाइजर कोरोना वैक्सीन की जो फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है, वो एकदम फर्जी है.
यानी ये बात साफ है कि एडिटिंग सॉफ्टवेयर की मदद से तैयार एक नकली फोटो की मदद से लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है कि फाइजर की वैक्सीन को ई-सिगरेट के जरिये वाष्प के रूप में लिया जा सकता है और ये चीन में बनी है.