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फैक्ट चेक: कंगना के समर्थन में मुंबई पहुंची करणी सेना का नहीं है गाड़ियों का ये काफिला

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल पोस्ट पूरी तरह सच नहीं है. बुधवार को करणी सेना के लोग कंगना रनौत के समर्थन में मुंबई जरूर पहुंचे थे, लेकिन वायरल तस्वीरों का इससे कोई लेना-देना नहीं है. ये तस्वीरें सालों से इंटरनेट पर मौजूद हैं.

वायरल तस्वीर वायरल तस्वीर

मुंबई में 9 सिंतबर को कंगना रनौत को लेकर दिनभर माहौल गरम रहा. एक तरफ कंगना चंडीगढ़ से मुंबई पहुंचने वाली थीं, दूसरी तरफ मुंबई में बीएमसी (बृहन्मुंबई नगर निगम) कंगना का दफ्तर तोड़ने में लगी थी. कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर में करीब ढाई बजे कंगना मुंबई पहुंचीं.

इसी बीच सोशल मीडिया पर दो तस्वीरों के जरिए दावा किया जाने लगा कि कंगना को सम्मान देने के लिए करणी सेना की 1,000 गाड़ियां मुंबई रवाना हो चुकी हैं. इन तस्वीरों में सड़क पर बड़ी संख्या में गाड़ियों के काफिले नजर आ रहे हैं. तस्वीरों को शेयर करते हुए लोग लिख रहे हैं, "कंगना रनौत के सम्मान में, 1000 गाड़ियों के साथ करणी सेना महाराष्ट्र रवाना. जय भवानी जय राजपूताना. अब देखो हमारी ताकत. जय श्रीराम".

दरअसल, मुंबई को पीओके बताने वाले कंगना के बयान के बाद से शिवसेना और कंगना के बीच तनातनी हो गई थी. राज्य सभा सांसद और शिवसेना नेता संजय राउत ने 'सामना' में लिखा था कि अगर कंगना को मुंबई में खतरा महसूस होता है तो वो शहर में ना आएं. इसके जवाब में कंगना ने कहा था कि वो 9 सितंबर को मुंबई आएंगी और अगर किसी में हिम्मत है तो उन्हें रोक ले. कंगना के मुंबई आने से पहले उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से Y प्लस सुरक्षा भी दी गई.

क्या है वायरल पोस्ट की सच्चाई?

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि वायरल पोस्ट पूरी तरह सच नहीं है. बुधवार को करणी सेना के लोग कंगना रनौत के समर्थन में मुंबई जरूर पहुंचे थे, लेकिन वायरल तस्वीरों का इससे कोई लेना-देना नहीं है. ये तस्वीरें सालों से इंटरनेट पर मौजूद हैं.

फेसबुक पर इन तस्वीरों को कंगना वाले मामले से जोड़ते हुए हज़ारों लोग शेयर कर चुके हैं. वायरल पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.

हमारी पड़ताल

पोस्ट में दिख रही दोनों तस्वीरों को हमने गूगल पर रिवर्स सर्च किया. पता चला कि ये तस्वीरें पिछले तीन-चार साल से सोशल मीडिया पर घूम रही हैं. पहली तस्वीर को मार्च 2016 में राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के काफिले का बताकर साझा किया गया था. बाड़मेर कांग्रेस के फेसबुक पेज पर 22 मार्च, 2016 को ये तस्वीर पोस्ट की गई थी. यहां पर भी बताया गया कि तस्वीर सचिन पायलट के काफिले की है. दूसरी तस्वीर को भी 2017 में सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने शेयर किया था.

इससे ये बात साबित हो जाती है कि दोनों तस्वीरें पुरानी हैं. इनका कंगना के समर्थन में मुंबई पहुंची करणी सेना के लोगों से कोई लेना-देना नहीं है. करणी सेना की बात करें तो ये सच है कि इससे जुड़े लोग कंगना के समर्थन में मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे थे. करणी सेना के सदस्यों का कहना था कि वे कंगना रनौत को सुरक्षा देने के लिए मुंबई पहुंचे हैं.

इस बारे में हमारी बात "श्री राजपूत करणी सेना" के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी से भी हुई. उनका कहना था कि कंगना को समर्थन देने लिए करणी सेना के काफी लोग मुंबई पहुंचे हैं. सुखदेव के मुताबिक ये लोग कई राज्यों से गाड़ियों में मुंबई गए हैं. हालांकि, इंडिया टुडे इस बात की पुष्टि नहीं कर सकता कि बुधवार को करणी सेना की कितनी गाड़ियां और सदस्य मुंबई पहुंचे.

यहां हमारी पड़ताल में स्पष्ट हो जाता है कि वायरल पोस्ट आधा सच है. कंगना रनौत के लिए करणी सेना से जुड़े लोग मुंबई जरूर पहुंचे थे, लेकिन वायरल तस्वीरों का इससे कोई संबंध नहीं है.

फैक्ट चेक

सोशल मीडिया यूजर्स

दावा

कंगना रनौत को सम्मान देने के लिए करणी सेना की 1000 गाड़िया मुंबई रवाना हुईं.

निष्कर्ष

करणी सेना के लोग कंगना रनौत के समर्थन में मुंबई जरूर पहुंचे थे, लेकिन इन वायरल तस्वीरों का इससे कोई लेना-देना नहीं है. ये तस्वीरें पिछले कुछ सालों से इंटरनेट पर मौजूद हैं.

झूठ बोले कौआ काटे

जितने कौवे उतनी बड़ी झूठ

  • कौआ: आधा सच
  • कौवे: ज्यादातर झूठ
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