
बिहार में आज यानि 11 नवंबर को वोटिंग पूरी गई है. 14 को नतीजे आएंगे. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में कहा है कि अगर बिहार में वोट चोरी नहीं हुई तो राज्य में महागठबंधन की सरकार बनेगी.
लेकिन अब एक वीडियो के जरिए दावा किया जा रहा है कि एनडीए के सहयोगी दल एलजेपी के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को वोट चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पोस्ट में लिखा है कि जब लोग आरजेडी का बटन दबा रहे थे तो वोट बीजेपी को जा रहा था.
वायरल वीडियो में भारी भीड़ के बीच पुलिस चिराग पासवान को पकड़कर कहीं ले जाती दिख रही है.

इंस्टाग्राम पर ये पोस्ट तमाम लोग शेयर कर चुके हैं.
लेकिन ये दावा पूरी तरह से गलत है. चिराग का ये वीडियो 2022 का है जब वो पटना में नीतीश कुमार के खिलाफ मार्च निकाल रहे थे और इस दौरान बवाल होने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था.
कैसे पता की सच्चाई?
अगर हाल-फिलहाल में चिराग पासवान की गिरफ्तारी हुई होती तो ये बड़ी खबर होती और हर तरफ इस पर चर्चा हो रही होती. लेकिन ऐसी कोई खबर नहीं छपी है.
वीडियो को ढूंढने पर हमें इसका लंबा वर्जन “Live Bihar Digital Network” नाम के एक न्यूज आउटलेट पर मिला. इसे 15 फरवरी 2022 को शेयर किया गया था. वीडियो का टाइटल है, “Chirag Paswan को IPS Kamya Mishra ने किया गिरफ्तार”.
इस घटना के बारे में हमें कई खबरें भी मिलीं. नवभारत टाइम्स की खबर में लिखा है कि चिराग पासवान नीतीश सरकार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर पटना की सड़क पर उतरे थे. वो बिहार में बिगड़ते लॉ एंड ऑर्डर का आरोप नीतीश सरकार पर लगा रहे थे और बिहार बचाओ मार्च निकाल रहे थे. ये मार्च राजभवन तक निकाला जाना था.
लेकिन इस दौरान पासवान के समर्थक बेकाबू हो गए. पुलिस ने उनपर लाठी चार्ज कर दिया. एलजेपी कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग को तोड़ दिया. बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. पुलिस से उनकी तीखी नोकझोंक और झड़प भी हुई थी.
उस समय चिराग मुखर होकर नीतीश का विरोध करते थे. 2020 का बिहार चुनाव उनकी पार्टी ने बीजेपी और जेडीयू से अलग लड़ा था. लेकिन 2025 का चुनाव तीनों दल साथ लड़ रहे हैं.