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माउंट एवरेस्ट से दुनिया अलग ही नजर आती है: भावना दहरिया

माउंट एवरेस्ट से दुनिया अलग ही नजर आती है: भावना दहरिया

द टियर्स बिहाइंड द सक्सेज सत्र में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली मधय प्रदेश की पहली महिला पर्वतारोही मेघा परमार, 2014 के एशियन गेम्स की महिला डबल ट्रैप टीम स्पर्धा में कांस्य पदक विजेता वर्षा वर्मन और माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली मध्य प्रदेश की दूसरी महिला पर्वतारोही भावना दहरिया ने शिरकत की. ये तीनों ही महिलाएं मध्य प्रदेश की शान हैं. सत्र की शुरुआत भावना दहरिया से हुई. उन्होंने कहा कि सब यहीं कहते हैं आपने ऐसा सपना कैसे देखा. बचपन में छोटे-छोटे पहाड़ पर चढ़ती थी. वहां से मुझे नजारा अच्छा लगता था. एक बार जब घर आने में लेट हो गई तब मेरे माता पिता को मालूम पड़ा कि मैं ऐसा काम करती हूं. मुझे नहीं पता था कि पर्वतारोही कोई एक्टिविटी है. मुझे एक कोच से मालूम पड़ा कि इसके लिए एक कोर्स करना होता है. उत्तराखंड के एक कॉलेज से मैंने इसका कोर्स किया. लेकिन वहां पर दाखिले के लिए मुझे 2 साल इंतजार करना पड़ा. इन सबके के बाद मैं पर्वतारोही बनी. धीरे-धीरे मेरे दिमाग में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने की बात आई. इसके लिए जो तैयारियों होती हैं वो मैंने की. बाद में मुझे मालूम पड़ा कि इसमें करीब 25 लाख का खर्चा आता है. इसके बाद मैंने सोचा कि ये कैसे होगा. बाद में स्पॉन्सरशिप के बारे में किसी ने बताया.

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