कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बीच इंडिया टुडे ग्रुप अपने ई-एजेंडा आजतक कार्यक्रम की तीसरी कड़ी में नरेंद्र मोदी सरकार के 17 मंत्रियों के साथ कोरोना के हालात और उससे बाद की परिस्थितियों पर मंथन कर रहा है. नॉर्थ ईस्ट रीजन को देख रहे केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने भारतीय मौसम विभाग द्वारा पाक कब्जे वाले इलाकों के मौसम का अनुमान जाहिर करने पर खुलकर अपने विचार रखे.
कोरोना महामारी के बीच भारतीय मौसम विभाग ने पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके गिलगित बाल्टिस्तान के मौसम का हाल बताना शुरू कर दिया है जिसको लेकर एक नई बहस छिड़ी हुई है. ई-एजेंडा आजतक में इस बात का जवाब देते हुए जितेंद्र सिंह बोले, " एक बात तो तय है कि पीओके भारत का हिस्सा है. भारत की संसद में कांग्रेस शासनकाल में 1993-94 में एक प्रस्ताव आया था जो सर्वसम्मति से पास हुआ था. उस प्रस्ताव का निष्कर्ष था कि भारत और पाकिस्तान के बीच यदि कोई मुद्दा बाकी है तो सिर्फ इतना कि पाक अधिकृत कश्मीर के हिस्से को पुन: भारतीय गणराज्य का हिस्सा बनाया जाए. अब यह कैसे बनाया जाए, उसके लिए संबंधित लोगों को अधिकृत किया गया है."
जितेंद्र सिंह ने आगे कहा, "हमारी जिम्मेदारी में पाक अधिकृत कश्मीर भी आता है इसलिए मौसम विभाग ने अच्छी पहल की है. यदि पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर में लोगों के साथ ऐसा न्याय नहीं हो रहा, जैसी उनकी अपेक्षा है, तो यह आई ओपनर उन लोगों के लिए भी है जो भारत में रहकर पाकिस्तान की दुहाई देते हैं. जम्मू कश्मीर के वासी भी इस बात का समझते हैं कि वे बहुत खुशकिस्मत हैं कि भारतीय गणतंत्र में रहते हुए वह उन सुविधाओं को यहां भोग रहे हैं जिनसे पाक अधिकृत जम्मू कश्मीर के लोग वंचित हैं."
डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू कश्मीर पर सरकार के एजेंडे का खुलासा करते हुए कहा, "जम्मू कश्मीर पूरा का पूरा जिसमें गिलगित बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, कोटली इत्यादि स्थान आते हैं, यह सारा मिलाकर के हमारा यह एजेंडा रहना चाहिए और है भी कि हम जम्मू कश्मीर को उसी रूप में बहाल करें जिस स्वरूप में महाराजा हरी सिंह 'इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेशन' के तहत भारत को सौंप गए थे."
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इससे पहले, जितेंद्र सिंह ने पूर्वोत्तर में कोरोना के फैलाव न होने पर कहा कि जो क्षेत्र पहले से ही अनुशासित थे वहां कोरोना का असर कम रहा. सिक्किम इसका उदाहरण है. जिन क्षेत्रों में अनुशासन की कमी थी वहां लॉकडाउन से अनुशासन आया है. ये एक वायरस है इसका रिस्क हो सकता है. लॉकडाउन के अनुशासन को लॉकडाउन के हटने के बाद भी जारी रखना होगा.
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कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बीच इंडिया टुडे ग्रुप ई-एजेंडा आजतक कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है. ई-एजेंडा आजतक की तीसरी कड़ी 'जान भी जहान भी' के मंच पर आज मोदी सरकार के 17 मंत्री शिरकत कर रहे हैं. जिसमें कोरोना की चुनौतियों और सरकार के एक्शन प्लान पर दिनभर चर्चा होगी. ई-एजेंडा आजतक कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' से हुई. इसके बाद मोदी सरकार के बाकी मंत्री कोरोना के हालात और परिस्थितियों पर मंथन कर रहे हैं.