कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बीच इंडिया टुडे ग्रुप ई-एजेंडा आजतक कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है. ई-एजेंडा आजतक की तीसरी कड़ी 'जान भी जहान भी' के मंच पर केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्ममिता मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि कोरोना के संकट की घड़ी में कौशल विकास के प्रशिक्षण वाले युवा स्वास्थ्य कर्मियों के साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर सहयोग कर रहे हैं. हालांकि, कोरोना के बाद कुशल कामगारो की डिमांड बढ़ेगी.
उन्होंने कहा कि विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशिक्षण वाले लगभग एक लाख युवा स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ काम कर रहे हैं. जिन्हें क्वारनटीन सेंटर की देखभाल से लेकर कोरोना अस्पतालों में प्रबंधन समेत कई जिम्मेदारियां सौंपी गई है. इसके अलावा शिक्षण संस्थानों में बड़ी संख्या में मास्क बनाकर वितरित किये जा रहे हैं.
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उन्होंने कहा कि जब से ये चुनौती सामने आई है हमने अपने ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में नए-नए आइडियाज के साथ कई काम किए हैं. हेल्थ सेक्टर में ट्रेनिंग पाए युवाओं का इस्तेमाल स्वास्थ्य विभाग और मंत्रालय कर रहा है. उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद कुशल कामगारों की मांग बढ़ेगी.
केंद्रीय मंत्री पांडेय ने कहा कि गांव की महिलाओं ने 21 लाख से ज्यादा मास्क बनाएं जिन्हें लॉकडाउन के दौरान संक्रमण को रोकने के लिए लोगों के बीच बांटा गया. ये कौशल विकास मंत्रालय की ट्रेनिंग की बदौलत ही संभव हो पाया.
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महेंद्रनाथ पांडेय ने कहा कि कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के तहत आने वाले आईटीआई कटक और पुणे ने रोबोट विकसित किए हैं. आईटीआई कटक ने एसएके रोबोटिक्स के सहयोग से रोबोट बनाया है, जबकि आईटीआई पुणे ने स्वयं इसको विकसित किया है. आईटीआई द्वारा तैयार किए गए दोनों रोबोट स्वास्थ्य कर्मियों को संकट काल में हर संभव मदद उपलब्ध कराएंगे.