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केंद्रीय कानून मंत्री के लिए क्या है सबसे बड़ी चुनौती? किरेन रिजिजू ने दिया ये जवाब

केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को 'एजेंडा आजतक' के मंच पर कहा कि हम यह नहीं मानते हैं कि ज्यूडिशियरी की वजह से देश का नुकसान हो रहा है, लेकिन एक केस जो 10-10 साल चलते हैं, यह बात ठीक नहीं है.

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किरेन रिजिजू किरेन रिजिजू
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रिजिजू बोले- देश में चार करोड़ से अधिक पेंडिंग केस
  • 'विकास में ज्यूडिशियरी का हो एक्टिव रोल'

Agenda Aajtak 2021: केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को 'एजेंडा आजतक' के मंच पर कहा कि हम यह नहीं मानते हैं कि ज्यूडिशियरी की वजह से देश का नुकसान हो रहा है, लेकिन एक केस जो 10-10 साल चलते हैं, यह बात ठीक नहीं है. इस कार्यक्रम के दौरान किरेन रिजिजू ने बतौर कानून मंत्री आने वाली चुनौतियों के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि देश में चार करोड़ से अधिक पेंडिंग केस हैं और यही मेरे लिए चुनौती है. कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी ने जब संविधान दिवस पर संदेश दिया, वह भी यही है कि हम मिलकर देश के लिए काम करेंगे. एक-दूसरे के साथ मिलकर देश के लिए कैसे योगदान दे सकते हैं. यह विषय है.'' 

कानून मंत्री के हिसाब से क्या चुनौतियां हैं? इस सवाल पर किरेन रिजिजू ने जवाब दिया, ''सभी का नजरिया इस पर अलग-अलग है. मेरे नजरिए से जो चार करोड़ से ज्यादा पेंडिंग केसेस हैं, वे चुनौती हैं. मैंने पहले ही कहा है कि जस्टिस टू-द पीपल एंड जस्टिस डिलिविरी मैकेनिज्म, दोनों को ही सोचना चाहिए. आम आदमी और न्याय के बीच में फासला बहुत कम होना चाहिए. यदि भारत का कोई भी इंसान इंसाफ के लिए तड़पता है और रुपये-पैसे खर्च करके भी इंसाफ नहीं मिलता है तो फिर हमारे लिए चिंता की बात है. तेज गति से काम को आगे कैसे बढ़ाना है, यह सरकार की जिम्मेदारी है.''

'लोअर कोर्ट में स्थिति ठीक नहीं'

उन्होंने आगे कहा कि लोअर ज्यूडिशियरी में 90 फीसदी से ज्यादा पेंडिंग केसेस हैं. हमने अभी नौ हजार करोड़ रुपये के लिए मंजूरी दी है. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि समय पर इसका उपयोग क्वालिटी, क्वांटिटी ऑन टाइम कैसे हो. लोअर लेवल के कोर्ट में स्थिति ठीक नहीं है. टॉयलेट तक नहीं हैं, कम्प्यूटर रूम या कोर्ट रूम तक टूटा फूटा है. अगर जजों को रेंट हाउस में बैठना पड़ रहा है तो यह स्थिति ठीक नहीं है. कोर्ट में लेडीज टॉयलेट्स, जेंट्स टॉयलेट्स, लॉयर हॉल्स आदि अलग से बननी चाहिए. हाईब्रिड कोर्ट्स चलती हैं. ऑनलाइन हियरिंग के समय पर्याप्त चीजें होनी चाहिए. इसको लेकर हमने काफी कुछ शुरू किया है और आने वाले दो-ढाई साल में काफी फर्क पड़ेगा. 

रिजिजू बोले-विकास में ज्यूडिशियरी का हो एक्टिव रोल

उन्होंने कहा, ''हम लोकतांत्रिक देश हैं और किसी भी डेमोक्रेसी में ज्यूडिशियरी उसका अभिन्न अंग होता है और उसके बिना नहीं चल सकते हैं. हम चाहते हैं कि ज्यूडिशियरी की वजह से डेवलपमेंट प्रोजेक्ट न रुकें. जब जज फैसला देते हैं तो उसमें सही-गलत का निर्णय करना ज्यूडिशियरी का काम है. लेकिन हम मानते हैं कि इसकी वजह से देश के विकास में नुकसान नहीं हों. इसमें ज्यूडिशियरी का एक्टिव रोल होना चाहिए.'' उन्होंने आगे कहा कि हम यह नहीं मानते हैं कि ज्यूडिशियरी की वजह से देश का नुकसान हो रहा है. यह सही बात नहीं है. हम अपील कर रहे हैं कि देश के विकास में ज्यूडिशियरी का एक्टिव काम क्या हो सकता है. एक केस दस दस साल चल रहे हैं तो यह साफ है कि यह बात ठीक नहीं है. अगर कोई बिजनेस का मुद्दा लंबित है तो यह अच्छी बात नहीं है.

 

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