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किसान आंदोलन के फूफाजी बन गए हैं? राकेश टिकैत ने दिया जवाब

राकेश टिकैत ने एजेंडा आज तक के कार्यक्रम में किसान आंदोलन से लेकर किसान और कृषि से जुड़े मसलों पर खुलकर अपनी बात रखी.

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राकेश टिकैत राकेश टिकैत
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कृषि कानून खत्म होने से दूर नहीं हुई है किसानों की बीमारी- टिकैत
  • सरकार जब बुलाए हम बातचीत के लिए तैयार- राकेश टिकैत

Agenda Aaj Tak 2021: किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे राकेश टिकैत शुक्रवार को आज तक के कार्यक्रम एजेंडा आज तक के मंच पर थे. राकेश टिकैत ने एजेंडा आज तक के कार्यक्रम में किसान आंदोलन से लेकर किसान और कृषि से जुड़े मसलों पर खुलकर अपनी बात रखी. कृषि कानूनों की वापसी के बावजूद किसान आंदोलन जारी है. किसान आंदोलन की वापसी के बावजूद आंदोलन जारी है.

राकेश टिकैत को किसान आंदोलन का फूफाजी कहा जाने लगा है कि सरकार उनकी हर बात मानती जाए और वे टस से मस नहीं हो रहे. इस सवाल का जवाब देते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार ने कौन सी मांगें मान ली है. उन्होंने कहा कि कृषि कानून खत्म होने से किसानों की बीमारी दूर नहीं हुई है.

राकेश टिकैत ने कहा कि असली बीमारी तो एमएसपी है. इसका इलाज दिल्ली से ही होगा. उन्होंने सरकार पर लोगों को बरगलाने का आरोप लगाया और एमएसपी का मसला उठाया. राकेश टिकैत ने कहा कि नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उनके नेतृत्व में कमेटी बनी थी.

राकेश टिकैत ने कहा कि आपने इसी विषय पर वकालत की है, पीएचडी की है, आप इसी मसले पर कमेटी बना दो. उन्होंने स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट का भी राग अलापा. राकेश टिकैत ने साफ किया कि सरकार जब बुलाए, वे बातचीत को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि मंत्रियों की ओर से बातचीत के दौरान जो बातें कही गई थीं, वे उन्हीं बातों पर रहें.

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