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Agenda Aajtak: BSNL को रिवाइव कर रहे हैं, जरूरत में वही काम आती है-रविशंकर प्रसाद

केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एजेंडा आजतक में कहा कि सरकार भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और महानगर टेलीफोन लिमिटेड (MTNL) को रिवाइव कर रही है. 

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एजेंडा आजतक में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद  (फोटो: शेखर घोष) एजेंडा आजतक में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (फोटो: शेखर घोष)

  • नई दिल्ली में आयोजित एजेंडा आजतक में आए केंद्रीय संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद
  • उन्होंने कहा कि सरकार बीएसएनएल और एमटीएनएल को रिवाइव करेगी
  • उन्होंने कहा कि आपदा और जरूरत के समय यही कंपनियां काम आती हैं

सरकार भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) और महानगर टेलीफोन लिमिटेड (MTNL) को रिवाइव कर रही है. देश में जरूरत और आपदा के समय ये सरकारी कंपनियां ही काम आती हैं. केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एजेंडा आजतक में यह बात कही.

क्या कहा रविशंकर प्रसाद ने

एजेंडा आजतक के दूसरे दिन एक महत्वपूर्ण सत्र में रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'हम तो सरकारी कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल को भी रिवाइव करने में लगे हैं. देश में जरूरत और आपदा के समय यही सरकारी कंपनियां काम आती हैं. देश के पिछड़े सीमांत इलाकों में इन्हीं कंपनियों के भरोसे टेलीकॉम सर्विस का विकास हुआ है और आगे भी होगा. अच्छी बात यह है कि इन कंपनियों के 92 हजार लोगों ने वीआरएस के लिए अप्लाई किया है.' 

क्या है सरकार की योजना

गौरतलब है कि सरकार ने महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) और भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के विलय का निर्णय लिया है. सरकार ने एमटीएनएल और बीएसएनएल के विलय के साथ इनके पुनुरुद्धार के जिस पैकेज का ऐलान किया है, उसमें सॉवरेन बॉन्ड से 15,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना भी है. इसके अलावा अगले चार साल में इनके रियल एस्टेट जैसे एसेट की बिक्री और वीआरएस से करीब 38,000 करोड़ रुपये बचाए जा सकेंगे. बीएसएनएल के पास करीब 70,746 करोड़ रुपये की परिसंपत्त‍ि है.  

कभी टेलीकॉम जगत में था दबदबा

कभी बीएसएनएल एक नवरत्न सार्वजनिक कंपनी थी और एमटीएनएल का भी दो मेट्रो शहरों के टेलीकॉम सेवा पर एकाधि‍कार था. लेकिन अब इसको 90,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा हो चुका है. रिलायंस जियो और एयरटेल जैसे सक्षम दिग्गज निजी खिलाड़ियों के सामने सुस्त सरकारी कंपनी बीएसएनएल कहीं टिक नहीं पाई. करीब 1,76,000 कर्मचारियों वाली बीएसएनल सफेद हाथी ही साबित हुई और निजी कंपनियों के सामने इसका टिकना मुश्किल था.

क्‍या है वीआरएस योजना में?

50 साल की आयु पूरी कर चुके या उससे अधिक उम्र के बीएसएनएल के सभी नियमित और स्थायी कर्मचारी वीआरएस के लिए आवेदन देने के पात्र हैं. इसमें वे कर्मचारी भी शामिल हैं जो बीएसएनएल के बाहर दूसरे संगठन में प्रतिनियुक्ति आधार पर काम कर रहे हैं. वहीं बीएसएनएल की वीआरएस योजना के तहत मिलने वाली रकम की बात करें तो 53.5 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों को उनके वेतन का 125 फीसदी मिलेगा.

 रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि टेलीकॉम सेक्टर में किसी एक कंपनी का एकछत्र राज नहीं होने दिया जाएगा. सिग्नल के सवाल पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अब सिग्नल में सुधार हो रहा है. लेकिन टावर की कमी की वजह से थोड़ी मुश्किल होती है. टावर लगाने में काफी मुश्किल होती है.

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