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एजेंडा आजतक: कौमी एकता, देश प्रेम का भाव देखना है तो अंडमान निकोबार आएं- कुलदीप राय

एजेंडा आजतक 2019 के दूसरे दिन मंगलवार को पहली बार संसद के द्वार सत्र में केंद्रशासित प्रदेश अंडमान निकोबार के कांग्रेस सांसद कुलदीप राय शर्मा ने कौमी एकता के साथ ही इस द्वीपीय प्रदेश से जुड़े पहलुओं पर खुलकर बात की. कुलदीप ने कहा कि अंडमान निकोबार जन्नत है.

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एजेंडा आजतक में कांग्रेस सांसद कुलदीप राय शर्मा एजेंडा आजतक में कांग्रेस सांसद कुलदीप राय शर्मा

  • जामिया की घटना पर बोले- नहीं करते समर्थन
  • छात्रों में होती है सही- गलत समझने की क्षमता

एजेंडा आजतक 2019 के दूसरे दिन मंगलवार को पहली बार संसद के द्वार सत्र में केंद्रशासित प्रदेश अंडमान निकोबार के कांग्रेस सांसद कुलदीप राय शर्मा ने कौमी एकता के साथ ही इस द्वीपीय प्रदेश से जुड़े पहलुओं पर खुलकर बात की. कुलदीप ने कहा कि अंडमान निकोबार जन्नत है.

उन्होंने कहा कि आज हम कौमी एकता, देश प्रेम के भाव की बात करते हैं. इसे देखना है तो अंडमान निकोबार आएं. कांग्रेस सांसद ने सभी को एक बार जरूर अंडमान निकोबार आने का न्योता दिया और कहा कि अपने जीवनकाल में अंडमान निकोबार जरूर आएं और वीरों की भूमि सेल्यूलर जेल आकर श्रद्धांजलि अर्पित करें.

जामिया की घटना को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि हर काम का एक तरीका होता है. हम इसका समर्थन नहीं करते. कांग्रेस सांसद ने कहा कि यदि पुलिस को ऐसा लगा कि कुछ गलत हो रहा है तो उन्हें प्रक्रिया का पालन करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि पुलिस को कुलपति से मिलना चाहिए था.

कांग्रेस सांसद ने कहा कि पुलिस को वीसी से अनुमति लेकर ही विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश करना चाहिए था. कुलदीप ने कहा कि आज देश में हर जगह छात्र सड़क पर हैं. उन्होंने कहा कि छात्रों में सही- गलत को समझने की क्षमता है. उनकी मांगों को गौर से सुना जाना चाहिए.

हॉस्टल में घुसकर मारने का नहीं करते समर्थन

केंद्रशासित द्वीपीय प्रदेश से कांग्रेस के सांसद ने कहा कि जिस तरह से जामिया में छात्रों को लाइब्रेरी में घुसकर, ट्वॉयलेट में घुसकर मारा गया, यह गलत था. न तो हम और ना ही कांग्रेस पार्टी इसका समर्थन करती है. उन्होंने संसद में सवाल पूछने से जुड़े प्रश्न पर कहा कि हमने सदन में प्रदेश से जुड़ी समस्याओं को उठाया है. पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क जैसे मुद्दों पर लगातार आवाज उठाई है.

जब पूछे जाते हैं ऐसे सवाल, तब होता है दुख

कुलदीप ने कहा कि काफी लोग पूछते हैं कि क्या अंडमान निकोबार भारत में ही है, वहां जाने के लिए क्या पासपोर्ट और वीजा की जरूरत पड़ती है. ऐसे सवाल जब सुनने को मिलते हैं तो बहुत पीड़ा होती है. उन्होंने पहली बार संसद पहुंचने के अनुभव से जुड़े सवाल पर कहा कि पहले प्रयास में नहीं, चौथे प्रयास में संसद पहुंचा हूं.

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