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Agenda Aajtak में बोले पीयूष गोयल- मनमोहन सरकार ने उठाया था स्टेरॉयड जैसा कदम

एजेंडा आजतक 2019 के दूसरे दिन एक खास सत्र में केन्द्रीय वाणिज्य, उद्योग और रेल मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शिरकत की. इस सत्र में देश की अर्थव्यवस्था, आर्थिक सुस्ती, नागरिकता कानून, प्रदूषण और दिल्ली चुनावों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई.

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एजेंडा आजतक में केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने की शिरकत एजेंडा आजतक में केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने की शिरकत

  • एजेंडा आजतक 2019 के दूसरे दिन पहुंचे पीयूष गोयल और प्रकाश जावड़ेकर
  • पीयूष गोयल और प्रकाश जावड़ेकर ने सत्र में तमाम मुद्दों पर खुलकर बात की

एजेंडा आजतक 2019 के दूसरे दिन एक खास सत्र में केन्द्रीय वाणिज्य, उद्योग और रेल मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शिरकत की. पीयूष गोयल और प्रकाश जावड़ेकर ने सत्र में तमाम मुद्दों पर खुलकर बात की. इस सत्र में देश की अर्थव्यवस्था, आर्थिक सुस्ती, नागरिकता कानून, प्रदूषण और दिल्ली चुनावों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई.

सत्र के दौरान अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी आर्थिक सुस्ती आई है. ट्रेड वॉर चल रहे हैं. हमने बहुत सारे कदम उठाए हैं मैं समझता हूं कि थोड़े समय के लिए स्ट्रेस आना लाजमी था. आंकड़े बदल रहे हैं. स्लो डाउन की स्थिति जो पिछले दो क्वार्टर में दिखाई दी वो अब रिवर्सल का समय आ गया है.

लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का हक: प्रकाश जावड़ेकर

राहुल बजाज के बयान पर बात करते हुए प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह लोकतंत्र है, सभी की राय है. सबको अपनी बात रखने का हक है. लोग निर्भीकता से बोल रहे हैं यही तो लोकतंत्र है. इमरजेंसी कांग्रेस लाई थी, हमने तो हटाई थी. डर का माहौल तो इमरजेंसी में था.

हम समस्या समझकर समाधान की कोशिश कर रहे- पीयूष गोयल

आगे चर्चा के दौरान केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि नए निवेश में समय लगेगा. जो स्ट्रेस आया वो सरप्लस कैपेसिटी का था. इसमें स्वाभाविक तौर पर टाइम लगता है. पहले 6 महीने में हमने इंडस्ट्री वाइज इंटरेक्शन ज्यादा किया. 100 से अधिक इंडस्ट्री से बातचीत की. भारत के अर्थव्यवस्था के हिसाब से निर्णय लिया जाएगा. इंडस्ट्री से बात के बाद हम व्यक्तिगत ग्रुप के साथ बातचीत करेंगे. यूनीलीवर से बात के दौरान हमने एफएमसीजी के बारे में समझा, मारुति से बात करके ऑटो सेक्टर की समस्या समझी. वहीं साथ ही साथ हम समाधान की कोशिश भी करते हैं.

केन्द्रीय मंत्री बोले- पीएमओ से नहीं आता कोई आदेश

काम को लेकर पीएमओ से आने वाले दबाव से जुड़े सवाल पर बात करते हुए प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह सच बिलकुल नहीं है. रघुराम राजन अपनी बात रख सकते हैं. पहले पर्यावरण मंजूरी देने के लिए चिट्ठी आती थी. हमें तो कोई चिट्ठी मिली नहीं. प्रधानमंत्री बात करते हैं. यह करना भी चाहिए. उसी सवाल के जवाब में केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री विचार देते हैं बात करते हैं, सलाह देते हैं. पीएमओ से कोई आदेश नहीं आता. साढ़े पांच साल में कभी कोई आदेश नहीं आया. हम सीधा अपने नेता से बात करते हैं. शार्ट नोटिस पर पीएम मिलने को तैयार रहते हैं.

पीयूष गोयल बोले- मनमोहन सरकार ने उठाया था स्टेरॉयड जैसा कदम

आर्थिक स्थिति से जुड़े एक सवाल पर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि जब सारी दुनिया में समस्या होती है सभी देशों को दिक्कत झेलनी पड़ती है. पीयूष गोयल ने कहा कि एक ही वर्ष में उन्होंने (मनमोहन सरकार) ने बजट में वित्तीय घाटा जो 1 से 2 प्रतिशत होना था वह बढ़ाकर 6 फीसदी कर दिया. अगले साल और बढ़ा दिया. मैं समझता हूं कि शॉर्ट टर्म फायदा स्टेरॉयड जैसे किया उस वजह से अर्थव्यवस्था खराब हुई. वो 2009 का चुनाव तो जीत गए लेकिन उनके शॉर्ट डोज की वजह से 5-6 सालों के लिए अर्थव्यवस्था आईसीयू में गई. 2014 में हमें दुनिया का पांच सबसे खराब अर्थव्यवस्था में एक अर्थव्यवस्था देकर गए थे. उनमें विजन की कमी थी.

कश्मीर पहली बार 5 महीने शांत रहा: प्रकाश जावड़ेकर

विदेशी मीडिया में भारत की तस्वीर से जुड़े एक सवाल पर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि एक लड़की की तस्वीर आई थी जो कूड़े में से खाना खा रही थी उसे कश्मीर का बताया गया था बाद में वह तस्वीर सीरिया की निकली. मीडिया के प्लेटफॉर्म पर मैं ज्यादा नहीं बोलना चाहता. भारतीय मीडिया ऐसा क्यों नहीं दिखा रहा. जन आदंलोन होता है. एक विषय पर अलग-अलग राय हो सकती है. मुझे एक मुस्लिम मित्र मिले उन्होंने अयोध्या विवाद को लेकर मोदी सरकार की प्रशंसा की. 370 हटने के बाद कश्मीर पहली बार 5 महीने शांत रहा.

पीयूष गोयल ने दिया यूएस मीडिया का उदाहरण

नागरिकता कानून को लेकर 22 विश्वविद्यालय में छात्रों के विरोध से जुड़े एक सवाल पर बात करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि हम सब की जिम्मेदारी बनती है कि हम उत्तेजनाएं कम करके रियलिटी लोगों के सामने रखें. वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के वक्त यूएस मीडिया ने खुद को सेल्फ रेगुलेट किया था. एक भी घिनौनी तस्वीर सामने नहीं आई. किसी भी चैनल ने बढ़ा-चढ़ा कर नहीं दिखाया. मीडिया चाहती तो एक समुदाय के खिलाफ गुस्सा भड़क सकता था. लेकिन उन लोगों ने टोन डाउन कर सब खत्म कर दिया.

पीयूष गोयल ने आगे कहा कि यहां मीडिया मिस इनफॉर्मेशन दे रही है. उत्तेजना फैला रही. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. नागरिकता कानून से भारतीयों को डरने की जरूरत नहीं है. शरणार्थियों को न्याय दिलाने का वादा था. हमें जनता ने मेजॉरिटी दी ताकि हम वादा पूरा कर सकें और हमने अपना वादा पूरा किया. पड़ोसी देशों में मुस्लिम प्रताड़ित हो नहीं सकते इसलिए उन्हें छोड़कर दूसरों को अलाउ कर रहे हैं. सिर्फ अवैध घुसपैठियों को दिक्कत हो रही है. बच्चों को समझ नहीं है. मैं यहां से सभी मीडिया से अनुरोध करुंगा कि आप सही बात बताइए और लोगों की शंका दूर कीजिए.

इसी सवाल पर अपनी राय रखते हुए प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि पीआईबी ने सब साफ कर रखा है. भारत के नागरिकों को कुछ नहीं होना है. घुसपैठियों का होना है. थोड़े दिन जाने दीजिए सारे देश में रुक जाएगा जैसे असम में रुकी.

भारत के लोगों से कुछ छीन नहीं रहे: पीयूष गोयल

नागरिकता कानून से जुड़े बिल की टाइमिंग को लेकर खड़े किए सवाल पर पीयूष गोयल ने कहा कि गृह मंत्री ने कई बार स्पष्ट किया है कि हम भारत के लोगों से कुछ छीन नहीं रहे. जो लोग प्रताड़ित हो रहे हैं कई सालों से उनको दे रहे हैं. विपक्षी पार्टियों ने लोगों को बरगलाकर प्रदर्शन करवाया है. जो लोग धर्म के आधार पर प्रताड़ित हुए क्या उन्हें पनाह नहीं देना चाहिए. जो उस देश की मेजॉरिटी है उसको तो वो देश संभालेगा. क्या हम सब अमेरिका या यूरोप जाकर वहां बस सकते हैं. हमने तो प्रताड़ित लोगों को पनाह दिया है. दुख होता है जब विपक्षी दल इसका राजनीतिकरण करते हैं.

इस देश के नागरिकों को चिंता करने की जरूरत नहीं: प्रकाश जावड़ेकर

एनआरसी और कैब से जुड़े सवाल पर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राजीव गांधी असम एकॉर्ड किया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि असम में रजिस्टर बनना चाहिए. 19 लाख लोग जिनके पास कागज नहीं थे और जो रजिस्टर में नहीं थे उन्हें अपील का मौका मिला. 9 लाख अगर मुस्लिम थे तो करीब-करीब उतने ही हिन्दू भी हैं. जो अभी बिल आया है वह साफ करता है कि इस देश के नागरिकों को चिंता करने की जरूरत नहीं. जो अपने देश में धार्मिक रुप से प्रताड़ित हुए उनको शरण दे रहे.

अफगानिस्तान में भी हिन्दुओं पर अत्याचार हुआ: पीयूष गोयल

पीयूष गोयल ने कहा कि अफगानिस्तान में हिन्दुओं पर अत्याचार हुआ. दस्तावेज हैं कि कैसे महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार हुआ. तालिबान में अत्याचार हुआ. हम इस बिल से तीनों देशों में प्रताड़ित हुए लोगों को न्याय देने जा रहे हैं. हर देश के पास सीमित संसाधन होते हैं. सभी को आने नहीं दे सकते. जो लोग प्रताड़ित हुए उन्हें ही मौके दे सकते हैं.

जावड़ेकर ने पूछा सवाल- पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की संख्या क्यों घटी

इस दौरान प्रकाश जावड़ेकर ने सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की संख्या घट गई बाकी लोगों की क्यों नहीं घटी. हमने पीड़ितों को पनाह देने की व्यवस्था की है. बांग्लादेश से बहुसंख्यक वर्ग भी आया वो उत्पीड़न की वजह से नहीं रोजगार के लिए आया. हम इस पर चर्चा करके कंफ्यूजन बढ़ा रहे हैं.

जो मुस्लिम प्रताड़ित हैं वो अप्लाई करें: पीयूष गोयल

पड़ोसी देशों में प्रताड़ित मुस्लिमों से जुड़े सवाल पर पीयूष गोयल ने कहा कि जिन बहुसंख्यक वर्ग को प्रताड़ित किया जा रहा है वो अप्लाई करें उनकी बात सुनी जा रही है. कई लोगों को नागरिकता मिल भी रही है. पूरी दुनिया में ऐसा ही होता है भारत कोई अकेला नहीं है. अमेरिका में हमारे बच्चे पैसा खर्च करके वहां पढ़ाई करते हैं फिर भी वो उन्हें नागरिकता नहीं देते वीजा देते हैं उसके भी नियम कड़े कर रहे हैं. मुझे लगता है कि मीडिया की भी जिम्मेदारी बनती है. हम जवाब देने को कभी न नहीं कहते हैं. हमेशा तैयार रहते हैं.

महाराष्ट्र में जो हुआ वो राजनीति का निचला स्तर: प्रकाश जावड़ेकर

महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़े सवाल पर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि आगे गए या पीछे गए यह बाद में तय होगा. लेकिन विश्वसनीयत खत्म होती है तब हमें यह दृश्य दिखता है. मोदी के पोस्टर चिपकाकर वोट मांगे और बाद में वहां जाकर खड़े हो गए जिसके खिलाफ चुनाव लड़ा था. यह तो गठबंधन नहीं है न. यह तो धर्म नहीं है. महाराष्ट्र में जो हुआ वह राजनीति का निचला स्तर है. ऊंचा स्तर बीजेपी देगी.

पीयूष गोयल बोले- सभी सीटों पर लड़ते तो 200 से ज्यादा सीटें हमारी होतीं

पीयूष गोयल ने कहा कि यह तो पोस्ट-पोल अलायंस था, प्री-पोल अलायंस हमारा था. अगर देखें तो हमने जितने सीटों पर चुनाव लड़ा उसमें से करीब 70 फीसदी सीटों पर जीत हासिल की. शिवसेना भी जितनी लड़ी उसमें 40-50 फीसदी जीती. एनसीपी और कांग्रेस तो और कम जीती. इसका मतलब है कि महाराष्ट्र की जनता ने साफ तौर पर मोदी जी को वोट किया, बीजेपी को वोट किया, फडणवीस को वोट किया.

गोयल ने आगे कहा कि अगर हम शायद सब सीटों पर लड़ते तो 200 से ज्यादा सीटें हमारी होतीं लेकिन हमने युति धर्म सर्वोपरि रखा. हमने शिवसेना के साथ विश्वासघात नहीं किया. कॉमन वोटर बेस बहुत था. लेकिन सत्ता के लालच में जो अलायंस बना उससे हमारी सरकार नहीं बनी. जनता ने देखा है कि कैसे तीनों पार्टियों ने मिलकर सरकार बनाई है. मुझे लगता है कि तीनों पार्टियों को आने वाले समय में पूरे देश में इसका नुकसान भरना पड़ेगा.

अजीत पवार के साथ सरकार पर दिया ये जवाब

चर्चा के दौरान अजीत पवार के साथ मिलकर सरकार बनाने को लेकर पूछे गए एक सवाल पर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि जब राज्यपाल संतुष्ट होते हैं तभी शपथ दिलाते हैं. ऐसा कभी होता है कि प्यार किसी और से करें और किसी दूसरे के साथ चले जाएं. यह अनैतिक गठबंधन है. महाराष्ट्र ने इसे देखा अब महाराष्ट्र बीजेपी का उद्भव देखेगा. पीयूष गोयल ने कहा कि हमें लगता था कि अजीत पवार एनसीपी की आवाज हैं. शिवसेना से बात नहीं बनी. शिवसेना ने दामन छोड़ दिया. हमने स्वागत किया. उसके बाद वो वापस चले गए तो जनता देख रही है. जनता उनको जवाब देगी.

प्रदूषण का स्वास्थ्य पर असर होता है: जावड़ेकर

कार्यक्रम के दौरान वहां मौजूद एक चिकित्सक द्वारा वायु प्रदूषण से जुड़े सवाल पर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि प्रदूषण का स्वास्थ्य पर असर होता ही है. सवाल एक महिला ने पूछा था कि क्या इससे आयु घटता है क्या तो मैंने कहा था विदेश के कुछ रिसर्च ऐसा कहते हैं लेकिन भारतीय रिसर्च में ऐसा नहीं है. बाद में अखबार में छपा कि भारत में भी ऐसी रिसर्च हुई है तो सदन में मैंने अपना जवाब बदल दिया. हमने पेरिफेरल एक्स्प्रेस वे शुरू किया जिससे प्रदूषण घटा. बीएस-6 शुरू किया. कारखाने बंद कराए. कंस्ट्रक्शन रोका. धूल निपटारे की व्यव्स्था की उसका कोई तारीफ नहीं की. यह सरकार आपके हितों के लिए काम कर रही है. आप सभी के सुझावों का स्वागत है.

इस दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार ने कूकिंग गैस पर बड़ा काम किया. यह ऐसी सरकार है जो प्रदूषण पर पिछली सरकार से कई गुना काम कर रही है. बड़े शहरों में प्रदूषण की समस्या गंभीर है. सरकार इस पर काम कर रही है.

दिल्ली ने पिछली बार गलती की: प्रकाश जावड़ेकर

दिल्ली चुनाव को लेकर केजरीवाल के अतिउत्साह से जुड़े सवाल पर केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि केजरीवाल का मूड ऐसा ही रहना चाहिए ताकि बाद में जब रियलिटी आएगी तो उनको तारे दिखने लगेंगे. दिल्ली ने पिछली बार गलती की. प्रमाणिकता का बिगुल बजाया था. बंगलों में नहीं रहेंगे कहा था. महंगी गाड़ी इस्तेमाल करने लगे. बंगलों में रहने लगे. बहुत सारे विधायक उनके जेल गए. भ्रष्टाचार हुए. 26 जनवरी की परेड को उन्होंने रोकने की कोशिश की. आगे उन्होंने टुकड़े-टुकड़े गैंग का समर्थन किया.

अपने सरकार के कामों को गिनाते हुए जावड़ेकर ने आगे कहा कि हमने अवैध कॉलोनियों की समस्या को सॉल्व किया. हर झुग्गी नया मकान स्कीम लाए. हम सब पॉजिटिव काम कर रहे. उस समय मोदी जी और केजरीवाल दोनों नए थे. अब सबने दोनों को देख लिया है. मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करना या नहीं करना रणनीति का हिस्सा है.

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