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KBC 13: पिता ने गाय बेच दिलाया गोलकीपिंग पैड, ऐसी है हॉकी के धुरंधर श्रीजेश की कहानी

अमिताभ बच्चन, पीआर श्रीजेश से उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में पूछते हैं- 'पिताजी के साथ आपका संबंध कैसा रहा है.' इसपर श्रीजेश ने अपने घर की आर्थ‍िक परेशान‍ियों से लेकर भारत के लिए खेलने तक के सफर की इमोशनल कहानी सुनाई.

नीरज चोपड़ा-अमिताभ बच्चन-पीआर श्रीजेश नीरज चोपड़ा-अमिताभ बच्चन-पीआर श्रीजेश
स्टोरी हाइलाइट्स
  • केबीसी के मंच पर खेल जगत के दो धुरंधर
  • हॉकी प्लेयर श्रीजेश ने बताई अपनी कहानी
  • कैसे मुश्क‍िलों से लड़कर ओलंप‍िक तक पहुंचें

कौन बनेगा करोड़पत‍ि (KBC 13) में अब तक कई दिग्गज कलाकार शो की शोभा बढ़ा चुके हैं. पिछले शुक्रवार दीप‍िका पादुकोण और फराह खान ने शो में श‍िरकत की थी. अब आने वाले शानदार शुक्रवार एप‍िसोड में खेल जगत के दो धुरंधर नीरज चोपड़ा और पीआर श्रीजेश मंच पर नजर आएंगे. शो के प्रोमोज सामने आ चुके हैं. इन्हीं में से एक प्रोमो में हॉकी प्लेयर पीआर श्रीजेश बुलंदी तक पहुंचने की अपनी कहानी बताते नजर आए. 

अमिताभ बच्चन, पीआर श्रीजेश से उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में पूछते हैं- 'पिताजी के साथ आपका संबंध कैसा रहा है.' इसपर श्रीजेश ने अपने घर की आर्थ‍िक परेशान‍ियों से लेकर भारत के लिए खेलने तक के सफर की इमोशनल कहानी सुनाई. 

श्रीजेश कहते हैं- 'बचपन में थोड़ा मुश्क‍िल था क्योंकि मैं बचपन में शरारती था, मार पड़ती थी. जिस दिन स्पोर्ट्स सेलेक्शन का लेटर आया तो पापा ने मुझसे पूछा- क्या करना है. मैंने कहा- मैं जाउंगा, स्पोर्ट्स में ट्राई करूंगा. फिर हॉकी खेलना शुरू किया. गोलकीपर बना लेक‍िन गोलकीप‍िंग थोड़ी महंगी है. गोलकीपर का जो पैड है उसके लिए पैसे लगते हैं.'

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गाय बेचकर पिता ने भेजे थे श्रीजेश को पैसे 

इतना बताने के बाद श्रीजेश ने असल परेशानी का जिक्र किया- 'हम लोग किसान पर‍िवार से हैं और किसान के लिए एक टाइम पर इतना पैसा लाना आसान नहीं है. हमारे पास तो संपत्त‍ि के नाम पर बस गाय होती है, तो पापा ने उसे बेचकर मुझे पैड खरीदने के पैसे भेजे थे.'

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टोक्यो ओलंप‍िक में कांस्य पदक 

मालूम हो कि पुरुष हॉकी टीम ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य पदक पर कब्जा कर इतिहास रच दिया. टीम इंडिया ने जर्मनी को 5-4 से हराकर ओलंपिक में 41 साल बाद पदक अपने नाम किया है. भारत की इस जीत में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और गोलकीपर पीआर श्रीजेश का अहम योगदान रहा. श्रीजेश टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं. 

केबीसी में उन्होंने जीत के इस मेडल को लेकर कहा- 'मैंने भी तक अपने पापा को कुछ नहीं दिया था, तो जब मैंने मेडल जीता तो मैंने वह मेडल उन्हें समर्प‍ित किया.'

 
 

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